शिमला। स्वास्थ्य विभाग को भले ही शिमला सिटी को स्मोक फ्री किए जाने को लेकर अवार्ड मिले हों लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। स्कूल परिसर से 100 मीटर के दायरे में तंबाकू बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है लेकिन एक चौथाई विक्रेता अभी भी इस दायरे के भीतर बीड़ी और सिगरेट बेच रहे हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसन और गायनाकोलॉजी की ओर से किए सर्वे में यह खुलासा हुआ है। नशे बेचने वाले सरेआम कोटपा एक्ट 2003 की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
सर्वे के मुताबिक शहर के 32 ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जिनके सामने 157 प्वाइंटों पर तंबाकू बिक रहा है। प्रदेश सरकार ने भले ही दुकानदारों के खिलाफ भारी भरकम जुर्माना करने का प्रावधान कर रखा हो लेकिन 100 मीटर दायरे में अभी भी नशा बेचने पर अंकुश नहीं लग पाया है। प्रदेश सरकार ने नशे पर रोक लगाने के लिए शहरों में तरह-तरह के कार्यक्रम चला रखे हैं। आए दिन नशे के खिलाफ रैलियां तक निकाली जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग, अस्पताल प्रशासन और स्कूल कॉलेजों तथा एमबीबीएस के छात्रों ने कई नशा मुक्त अभियान चलाए जाते हैं, बावजूद इसके नशा बेचने पर पाबंदी नहीं लग पा रही। स्कूलों में छात्रों को नशे के खिलाफ पाठ पढ़ाया जा रहा है। प्रतिदिन अध्यापक नशे से शरीर पर होने वाले कुप्रभाव के बारे में जानकारी देते हैं लेकिन 100 मीटर के दायरे में नशा बेचने पर अंकुश नहीं लग रहा है। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि स्कूलों के पासपास नशा नहीं बेचने दिया जाएगा। कहा कि नशे पर रोक लगाने के लिए छापेमारी की जाएगी।