एसएमसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनोज रौंगटा ने संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज को बताया कि एसएमसी शिक्षकों की भर्ती भाजपा की पिछली सरकार की नीति के तहत ही हुई है। प्रदेश में अब तक 2600 शिक्षक भर्ती हैं।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज से पीरियड आधारित एसएमसी शिक्षक संघ ने रविवार को शिमला में भेंट की। उन्होंने उनसे यह मांग उठाई कि भाजपा सरकार को स्वर्णिम दृष्टिपत्र में चुनाव से पहले उनसे किया अपना वायदा पूरा करना चाहिए। इस बारे में एक ज्ञापन देकर इन शिक्षकों ने दृष्टिपत्र के पृष्ठ संख्या 11 का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अब तक इस बारे में गौर नहीं किए जाने से अब इन शिक्षकों के सब्र का बांध टूट चुका है।
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आने वाले दिनों में ये शिक्षक विरोध-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दस साल से शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। यह लंबी अवधि हैं। इसे एकमुश्त नियमित करने की नीति लाई जानी चाहिए। रविवार को भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले इन पीरियड आधारित एसएमसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनोज रौंगटा ने संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज को बताया कि एसएमसी शिक्षकों की भर्ती भाजपा की पिछली सरकार की नीति के तहत ही हुई है।
प्रदेश में अब तक 2600 शिक्षक भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि स्वर्णिम दृष्टिपत्र के पृष्ठ 11 में ‘कर्मचारी मित्र होगी सरकार’ शीर्षक में उजागर मुद्दे के सातवें बिंदु में स्पष्ट किया गया है कि पीटीए, पैरा टीचर्स और एसएमसी शिक्षकों की समस्याओं का समाधान होगा। पीटीए और पैरा शिक्षकों को तो नियमित कर दिया गया है, मगर 10 साल पहले की नीति के तहत लगे एसएमसी शिक्षकों के किए वायदे को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। जबकि ये शिक्षक कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
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विधायक दल की बैठक से पहले कई मंत्रियों और विधायकों से भी मिले शिक्षक
राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में भाजपा विधायक दल की बैठक के शुरू होने से पहले इन शिक्षकों ने कई मंत्रियों और अन्य विधायकों से भी भेंट की और उनके समक्ष इस मुद्दे को उठाया।