स्मार्ट सिटी शिमला और धर्मशाला में जल्द ही बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। मंगलवार को शिमला में हुई बिजली बोर्ड के निदेशक मंडल की बैठक में बोर्ड के अधिकारियों ने पुराने मीटर बदलने की प्रक्रिया से अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा रामसुभग सिंह को अवगत कराया। बताया गया कि एक साल के भीतर दोनों शहरों में करीब 1.35 लाख बिजली मीटर बदले जाएंगे। साल 2021-22 तक पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से पुराने मीटरों को बदलने की योजना से भी अवगत कराया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा राम सुभग सिंह ने बताया कि एक साल के भीतर दोनों शहरों में मीटर बदले जाने हैं। किस तरह से इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा, इसे लेकर बोर्ड के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। मीटर बदलने का काम जल्द शुरू करने को कहा गया है।
स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं को एक मोबाइल एप्लीकेशन अपने फोन पर डाउनलोड करनी होगी। इस एप की मदद से बिजली खपत की पूरी निगरानी हो जाएगी। एप के जरिये उपभोक्ता किसी भी समय यह जान सकेगा कि उसने अब तक कितनी बिजली की खपत की है। स्मार्ट मीटर से बिजली की रीडिंग लेने के लिए बोर्ड के कर्मचारियों को उपभोक्ता के घर जाने की जरूरत भी नहीं होगी। लो वोल्टेज, बिजली बंद होने और बिजली चोरी करने की सूरत में कंट्रोल रूम में अपने आप जानकारी पहुंच जाएगी। यह मीटर इंटरनेट के माध्यम से कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। इस स्मार्ट मीटर को उपभोक्ता प्रीपेड मीटर के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रीपेड मीटर मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज हो सकेंगे। बिल जमा करवाने का विकल्प भी उपभोक्ताओं को मिलेगा। एक स्मार्ट मीटर 2800 से 3000 रुपये में पड़ेगा। इसके लिए केंद्र सरकार करीब 1200 रुपये प्रति मीटर की सब्सिडी देगी। शेष राशि का खर्च राज्य बिजली बोर्ड और उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा।