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आखिर कब स्मार्ट बनेगा हिमाचल का परिवहन विभाग

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देश को हाईटेक विधानसभा का फार्मूला देने वाला हिमाचल प्रदेश स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस बनने के मामले में पड़ोसी राज्यों से दस साल पीछे चल रहा है। स्मार्ट लाइसेंस बनने की प्रक्रिया सीखने के लिए परिवहन विभाग के नुमाइंदे दो साल पहले मोहाली, चंडीगढ़ और ग्वालियर का दौरा कर चुके हैं, लेकिन अभी तक आधुनिक लाइसेंस बनने शुरू नहीं हो पाए।
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चंडीगढ़ में बीते दस साल से वाहन चालकों को स्मार्ट लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं जबकि हिमाचल में परिवहन विभाग कागज के ड्राइविंग लाइसेंस बांट रहा है। हिमाचल में पासपोर्ट मॉडल पर स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस बनने की योजना तो बनाई गई थी लेकिन सरकार इसे अमलीजामा पहनने में सफल नहीं हो पाई। प्रदेश में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर योजना लागू की जानी थी।

योजना को मूर्त रूप देने के लिए भारी भरकम बजट खर्च कर बाकायदा ट्रांजेक्शन एडवाइसर तैनात किए गए और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई। स्मार्ट लाइसेंस बनने की प्रक्रिया सीखने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों के दल ने दो साल पहले मोहाली, चंडीगढ़ और ग्वालियर का दौरा भी किया। बावजूद इसके बड़े अधिकारियों और सरकार की मंजूरी न मिलने के कारण अभी तक प्रोजेक्ट लटका हुआ है।
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कितनी बार कटा चालान, लाइसेंस में रहेगा दर्ज

स्मार्ट लाइसेंस धारक का पूरा रिकॉर्ड कार्ड में लगी चिप में स्टोर रहता है। पुलिस के पास भी ऑनलाइन पूरा डाटा पहुंच जाता है। लाइसेंस धारक का जितनी बार चालान होता है, उसका रिकॉर्ड आरटीओ ऑफिस और पुलिस के पास ऑनलाइन दर्ज होता जाएगा।

स्मार्ट लाइसेंस की ऑनलाइन मानीटरिंग हो सकती है। जरूरत पड़ने पर राज्य ही नहीं बल्कि राज्य से बाहर भी सिर्फ एक क्लिक पर लाइसेंस का पूरा डाटा खंगाला जा सकता है। परिवहन विभाग का स्मार्ट लाइसेंस सिस्टम देश के अन्य राज्यों से भी जुड़ा होता है।

क्या है स्मार्ट कार्ड लाइसेंस
स्मार्ट लाइसेंस परंपरागत ड्राइविंग लाइसेंस का नया और आधुनिक रूप है। दिखने में यह ड्राइविंग लाइसेंस की तरह ही नजर आता है लेकिन इसके एक हिस्से में माइक्रोचिप होगी। चिप में लाइसेंस धारक का नाम, पता, लाइसेंस जारी करने की तिथि और वैधता की जानकारी होती है। इसके अलावा गाड़ी की आरसी का रिकॉर्ड भी चिप में रखा जा सकता है। स्मार्ट लाइसेंस में दर्ज रिकॉर्ड को हैंड रीडर के जरिये देखा जा सकेगा। हैंड रीडर में स्मार्ट लाइसेंस को स्वैप करने के बाद पूरा डाटा हैंड रीडर की स्क्रीन पर दिखने लगता है।

परिवहन विभाग स्मार्ट लाइसेंस बनने की योजना पर काम कर रहा है। इसमें कुछ टेक्निकल इश्यू हैं। योजना लागू करने के लिए यदि कानून में संशोधन की आवश्यकता हुई तो सरकार ऐसा करेगी।
- अजय मित्तल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, परिवहन
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