स्कूलों में ब्लैकबोर्ड की जगह प्रोजेक्टर और व्हाइट बोर्ड पर पढ़ाई करवाई जाएगी। टीचर के हाथ में चॉक की जगह डिजिटल डिवाइस दिखेंगे। पढ़ाई के इस नए तरीके में बच्चों को हर चीज वीडियो, पिक्चर्स और ग्राफिक्स के जरिये समझाई जाएगी।
पढ़ाई का तरीका बदलने वाली ये टेक्नोलॉजी न सिर्फ बच्चों के लिए दिलचस्प है, बल्कि टीचर्स के लिए भी आसान होगी। स्कूलों में कंप्यूटरीकरण करने का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपा जाएगा। लैब चलाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल में खुलेंगे पुस्तकालय
प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पुस्तकालय भी खोले जाएंगे। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि स्कूली बच्चों में पढ़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है। इस योजना से सरकारी स्कूल मजबूत होंगे। पुस्तकों की खरीद के लिए केंद्र सरकार हर स्कूल को आर्थिक सहायता देगी।
जिन स्कूलों में पहले से पुस्तकालय खुले हैं, उन स्कूलों के पुस्तकालयों को मजबूत किया जाएगा। जबकि यहां पुस्तकालय नहीं है वहां इन्हें स्थापित किया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों को किताबों की खरीद के लिए पांच हजार रुपये और अन्य स्कूलों को 15 हजार रुपये दिए जाएंगे।