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हिमाचल के 800 और सरकारी स्कूलों में बनेंगे स्मार्ट क्लास रूम

Thu, 05 Dec 2019 10:35 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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फाइल फोटो
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हिमाचल के 800 और सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने इस बाबत तैयारी शुरू कर दी है। अभी 2100 स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम के माध्यम से आधुनिक तरीके से पढ़ाई करवाई जा रही है। बुधवार को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सचिवालय में विभागीय अधिकारियों से बैठक कर इस योजना की समीक्षा की।

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इन्फॉरमेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। 600 स्मार्ट क्लास रूम समग्र शिक्षा अभियान के तहत और 200 स्मार्ट क्लास रूम उच्च शिक्षा विभाग तैयार किए जाएंगे। साल 2015 में केंद्र सरकार ने आईसीटी प्रोजेक्ट के फेज दो में 1525 स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा दी थी। फेज एक के तहत 628 स्कूलों में यह सुविधा पहले मिली थी।

अब 800 और स्कूल स्मार्ट क्लास रूम के लिए चुने गए हैं। इस योजना के तहत हर स्कूल में दो स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। प्रोजेक्टर और डिजिटल व्हाइट बोर्ड पर बच्चों को पढ़ाई कराई जाएगी। इसके अलावा दस कंप्यूटर सिस्टमों की एक लैब बनाई जाएगी। शिक्षा निदेशालय में लैपटॉप से स्कूलों पर उच्च अधिकारी नजर रखेंगे। स्मार्ट क्लास रूम बनने से छात्रों की पढ़ाई पहले से ज्यादा सुविधाजनक और हाईटेक हो जाएगी।

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स्कूलों में ब्लैकबोर्ड की जगह प्रोजेक्टर और व्हाइट बोर्ड पर पढ़ाई करवाई जाएगी। टीचर के हाथ में चॉक की जगह डिजिटल डिवाइस दिखेंगे। पढ़ाई के इस नए तरीके में बच्चों को हर चीज वीडियो, पिक्चर्स और ग्राफिक्स के जरिये समझाई जाएगी।

पढ़ाई का तरीका बदलने वाली ये टेक्नोलॉजी न सिर्फ  बच्चों के लिए दिलचस्प है, बल्कि टीचर्स के लिए भी आसान होगी। स्कूलों में कंप्यूटरीकरण करने का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपा जाएगा। लैब चलाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल में खुलेंगे पुस्तकालय
प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पुस्तकालय भी खोले जाएंगे। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि स्कूली बच्चों में पढ़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है। इस योजना से सरकारी स्कूल मजबूत होंगे। पुस्तकों की खरीद के लिए केंद्र सरकार हर स्कूल को आर्थिक सहायता देगी।

जिन स्कूलों में पहले से पुस्तकालय खुले हैं, उन स्कूलों के पुस्तकालयों को मजबूत किया जाएगा। जबकि यहां पुस्तकालय नहीं है वहां इन्हें स्थापित किया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों को किताबों की खरीद के लिए पांच हजार रुपये और अन्य स्कूलों को 15 हजार रुपये दिए जाएंगे।
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