हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्मार्ट सिटी मिशन के सबसे बड़े प्रोजेक्ट ढली डबललेन टनल का निर्माण कार्य बुधवार को शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ढली में इस मेगा प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज और विधायक बलवीर वर्मा भी मौजूद रहे। शिलान्यास करते वक्त मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एचपीआरआईडीसी के अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ली। विभाग ने बताया कि इसी साल नवंबर तक इसका काम पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर तक इसका काम पूरा करने के प्रयास किए जाएं। टनल का निर्माण कार्य ढली सब्जी मंडी की ओर से शुरू किया जा रहा है। इसके लिए मशीनरी भी मौके पर पहुंच चुकी है। वर्तमान ढली टनल के समानांतर बनने वाली इस डबल लेन टनल के निर्माण से संजौली और ढली के बीच लगने वाला यातायात जाम खत्म हो जाएगा।
वर्तमान टनल 1852 में बनी है और अब काफी जर्जर हालत में पहुंच गई है। इस टनल में वनवे यातायात चलता है जिससे जाम लगता है। अब नई टनल में दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही होगी। एचपीआरआईडीसी इस प्रोजेक्ट का निर्माण करवा रहा है। नई टनल करीब 147 मीटर लंबी बनेगी। डबल लेन टनल बनने से लोगों के पांच से सात मिनट बच जाएंगे। नई टनल बनने से अपर शिमला के अलावा चायल, मशोबरा, बसंतपुर, सुन्नी से आने वाले वाहन बिना किसी जाम के संजौली बाजार पहुंच सकेंगे। इस मौके पर महापौर सत्या कौंडल, उप महापौर शैलेंद्र चौहान, एचपीआरआईडीसी के मुख्य अभियंता पवन शर्मा, एपीएमसी के अधिकारी, नगर निगम के पार्षद एवं भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
यह है नई टनल की खासियतें
147 मीटर लंबी होगी डबललेन टनल, खर्च होंगे 39.60 करोड़
11 मीटर चौड़ी होगी टनल, साढ़े मीटर रहेगी ऊंचाई
नौ महीने में पूरा होगा काम, दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही होगी
पेयजल लाइनें या केबल बिछाने के लिए टनल के भीतर अंडरग्राउंड नाली (डक्ट) तैयार की जाएगी
टनल के भीतर लाइटिंग, ड्रेनेज सिस्टम, ट्रैफिक सिग्नल, फुटपाथ की पुख्ता व्यवस्था रहेगी
हर रोज एक मीटर तैयार होगी ढली की डबल लेन टनल
इस तकनीक से होगा निर्माण
टनल निर्माण ऑस्ट्रियन तकनीक से किया जाएगा। आसपास के भवनों को नुकसान न हो, इसके लिए हाइटेक व्यवस्था रहेगी। काम ड्रिलिंग से शुरू होगा जिसके बाद मलबा हटाया जाएगा। इसमें जितनी जगह खाली होगी, उसे साथ में मजबूती दी जाएगी। अंदर हल्की ब्लॉस्टिंग होगी। 12 मीटर के दायरे में यह काम होगा। नई टनल के निर्माण के दौरान तीन बार यहां बने सभी भवनों की वीडियोग्राफी होगी। निर्माण के बाद अगले एक साल तक होने वाले किसी तरह के नुकसान की भरपाई काम करने वाली कंपनी करेगी। नई टनल के निर्माण के दौरान वर्तमान टनल से वाहनों की आवाजाही सामान्य रहेगी। बाद में नई टनल बनने पर इसे बंद किया जा सकता है।
स्मार्ट सिटी में बदल रहा शिमला
शिलान्यास कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सब्जी मंडी में आयोजित जनसभा में लोगों को संबोधित किया। स्मार्ट सिटी मिशन से शिमला का कायाकल्प हो रहा है। करोड़ों के काम धरातल पर उतर रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री ने शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज को शाबाशी भी दी। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि टनल निर्माण से जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा।