शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर
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विद्यार्थियों में कौशल निर्माण के लिए अगले वर्ष से प्रदेश के कॉलेजों में कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे। गुरुवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिए गठित हिमाचल प्रदेश उच्चतर शिक्षा कोर समूह की बैठक में यह फैसला लिया गया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) को उच्च शिक्षा की सभी योजनाओं का मुख्य केंद्र बनाने का फैसला भी लिया गया है। बैठक में उच्च शिक्षा के लिए चिन्हित किए गए नौ चैप्टरों के पचास बिंदुओं पर चर्चा की गई।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। अन्य राज्यों की अपेक्षा उच्च शिक्षा क्षेत्र में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो काफी बेहतर है और प्रदेश सरकार 2035 तक 50 प्रतिशत ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रयासरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना है। वर्तमान में प्रदेश में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है।
प्रदेश सरकार छठी कक्षा से व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत मल्टीपल एंट्री और एग्जिट के लिए योजना तैयार करें। नई शिक्षा नीति में सभी महाविद्यालयों को ऑटोनॉमस महाविद्यालय के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया गया है। बैठक में शिक्षा सचिव राजीव शर्मा, निदेशक उच्चतर शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, यूजीसी सदस्य डॉ. नागेश ठाकुर, हिमाचल प्रदेश उच्चतर शिक्षा काउंसिल अध्यक्ष प्रो. सुनील गुप्ता, समग्र शिक्षा अभियान राज्य परियोजना निदेशक वीरेंद्र शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हायर एजूकेशन काउंसिल की समीक्षा बैठक शुक्रवार को
हायर एजूकेशन काउंसिल की शुक्रवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक होगी। बैठक में काउंसिल की ओर से अभी तक किए कार्यों की समीक्षा की जाएगी। भविष्य में किए जाने वाले कार्यों से भी मंत्री को अवगत करवाया जाएगा।