गोबिंद सागर झील में उतरा छह सीटर शिकारा
- फोटो : संवाद
साठ सीटर क्रूज के बाद वीरवार को छह सीटर शिकारा गोबिंद सागर झील में उतारा गया। इस दौरान शिकारा का ट्रायल भी किया गया। निरीक्षण के लिए उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक भी शिकारे में बैठकर मंडी भराड़ी पहुंचे। बिलासपुर आने वाले पर्यटक श्रीनगर की डल झील की तर्ज पर अब गोबिंद सागर झील में शिकारे का लुत्फ उठा सकेंगे।
बता दें कि यह शिकारा मोटर और चप्पू दोनों से संचालित होता है। जिला प्रशासन ने जिस कंपनी को टेंडर जारी किया है, वह स्टीमर, जेटी, क्रूज और शिकारे झील में उतार रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अक्तूबर के तीसरे सप्ताह वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का शुभारंभ करेंगे। क्रूज, जेटी पहले ही बिलासपुर पहुंच चुके हैं।
इस संबंध में पर्यटन विभाग की तकनीकी टीम ने मंडी भराड़ी में इन उपकरणों का निरीक्षण भी किया है। इससे पहले उपायुक्त बिलासपुर की अध्यक्षता में विश्व पर्यटन दिवस पर क्रूज का ट्रायल भी किया जा चुका है। वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को संचालित करने वाली गंधर्वी कंपनी के संचालक अजय हांडा ने बताया कि शिकारे की लागत करीब चार लाख है। यह छह सीटर है।
झील में शिकारा उतारा गया है। दक्षिण भारत और कश्मीर की तर्ज पर पर्यटक यहां पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का लुत्फ उठाएंगे। कंपनी को सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री से समय लेकर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का शुभारंभ किया जाएगा-
आबिद हुसैन सादिक, उपायुक्त बिलासपुर