पटाखों से झुलसकर डीडीयू अस्पताल आए घायलों को बाहर से खरीदनी पड़ीं
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सिल्वर सल्फर डाइन दवाई
घायलों में एक बच्चा भी शामिल, उपचार के बाद घर भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में दिवाली की रात जहां शहर में धुआं फैला रहा वहीं पटाखों से छह लोग बुरी झुलस गए। प्रशासन ने रात दस बजे तक पटाखे चलाने के निर्देश दे रखे थे लेकिन इन पर अमल नहीं हुआ।
इसके अलावा पटाखों से झुलसे लोगों में से दो ने आईजीएमसी और चार ने डीडीयू अस्पताल में उपचार करवाया। दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल डीडीयू में पटाखों से जलकर आए लोगों को घाव पर लगाने के लिए दवाइयां भी नहीं मिलीं। यह दवाइयां पीड़ितों को बाहर दुकानों से खरीदनी पड़ीं। परिजनों के दवाइयां लाने के बाद ही मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। उपचार के बाद पीड़ितों को घर भेज दिया है। इनमें एक छोटा बच्चा और तीन व्यस्क शामिल थे। डीडीयू अस्पताल के उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमन मधैक ने बताया कि सभी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया है।
शहर के विकासनगर समेत आसपास के इलाकों से पीड़ित उपचार के लिए डीडीयू अस्पताल आए थे लेकिन यहां पर प्राथमिक स्तर पर जो सिल्वर सल्फर डाइन दवाई मरीजों को लगाई जाती है वह नहीं मिली। लिहाजा घाव देखने के बाद पीड़ितों को लिखी यह दवाइयां बाहर से लानी पड़ीं। अस्पताल प्रबंधन का दावा था कि यह सभी दवाएं उपलब्ध हैं लेकिन विभाग के दावों की पोल यहां पर खुलकर सामने आई।सिल्वर सल्फर डाइन दवाई मुख्य रूप से घावों के उपचार और संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाई जाती है। इससे घाव जल्दी ठीक हो जाता है और संक्रमण भी रुक जाता है।