स्थानीय बाजार में तोड़-फोड़ के बाद शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में दो धार्मिक संगठनों ने संयुक्त बैठक कर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की। इसके बाद हमारी एकता जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाए गए। जिला व उपमंडल प्रशासन की ओर से बैठक का आयोजन किया गया।
रोहडू में गोवंश अवशेष मिलने के बाद पैदा हुए तनाव को शांत करने का प्रयास किया गया। एसडीएम कार्यालय के सभागार में बैठक के दौरान अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधियों की ओर से कहा गया कि वे सैकड़ों वर्षों से यहां रह रहे हैं।
आज तक दोनों धार्मिक संगठन हर सामाजिक कार्यों को मिलजुल कर करते आ रहे हैं। पहली बार कारोबार करने के नाम पर बाहर से आए कुछ शरारती तत्वों ने माहौल को खराब किया। इससे रोहडू़ की बदनामी हुई है।
दूसरे संगठन की ओर से कहा गया कि बाजार में कारोबार के नाम पर बाहर से आए कुछ लोग नशे के सौदागर बन चुके थे। ब्यूटी पार्लर की आड़ में महिलाओं से छेड़छाड़ के प्रयास शुरू हो रहे थे। इसकी प्रशासन को सूचना दी जा चुकी थी।
इसी कारण गुस्से में भीड़ ने कुछ ऐसे लोगों की ही दुकानों को निशाना बनाया। एसडीएम बीआर शर्मा ने बताया कि प्रशासन की ओर से पहले ही असामाजिक तत्वां की पहचान के लिए थाना प्रभारी रोहडू, लेबर निरीक्षक व नगर परिषद रोहडू के वरिष्ठ सहायक को नियुक्त किया गया था।
अभी जांच चल ही रही थी कि उससे पहले घटना हो गई। डीएसपी रोहडू अनिल शर्मा ने कहा पुलिस हर प्रकार के सहयोग को तैयार है। यदि घटना के बाद कहीं खौफ है तो इसकी सूचना पुलिस को दें।
एसपी मनमोहन सिंह ने लोगों से शांति की अपील की। एडीएम जेएस नेगी ने कहा दोनों पक्षों के सामने बैठने पर किसी प्रकार के टकराव की कोई बात नहीं आई।
गोवंश का अवशेष जांच एजेंसियों के लिए परेशानी का सबब बनने वाला है। उपमंडल में ऐसी घटना पहली बार सामने आई है। अवशेष कहां से आया अभी इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
रोहडू में जिस घर की छत से गोवंश का अवशेष मिला उस भवन में कोई नहीं रहता है। बड़ी बात यह सामने आ रही कि जिस छत पर अवशेष मिला वहां चौथी मंजिल तक कुत्ते का पहुंचना भी संभव नहीं। मौके पर तैनात विशेषज्ञ इस बार का दावा कर चुके कि अवषेश कटा हुआ है।
कितना पुराना होगा इसकी फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में ही खुलासा होगा। दूसरा को पुलिस की एफआईआर में नामजद लोगों की गिरफ्तारी एक चुनौती है। यदि बिना सबूत तुरंत इन लोगों को गिरफ्तार किया गया तो दोबारा विरोध प्रदर्शन की संभावनाएं हैं।
फिलहाल पुलिस व प्रशासन इस मामले में भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। हालांकि, पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज करके करीब बीस लोगों को नामजद किया है। पुलिस अभी एफआईआर में दर्ज लोगों के नाम का खुलासा करने को तैयार नहीं है।
डीएसपी रोहड़ू अनिल शर्मा का कहना है कि मामला संवेदनशील होने के कारण नामजद लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। कुछ अन्य सुराग जुटाए जा रहे हैं।