बीते दिनों आए परिणाम के बाद तीन जवान अग्रिवीर बने हैं। इसके अलावा एक युवती और पांच युवा पुलिस में सेवा दे रहे हैं। इस गांव के युवाओं में देश की सेवा का जुनून ऐसा है कि वह तैयारी के लिए छह किलोमीटर दूर सतौन आते हैं और मैदान पास करने की तैयारी करते हैं। कई युवा अपने ही गांव की सर्पीली, खड़ी चढ़ाई वाली ऊबड़-खाबड़ सड़क पर तैयारी करते हैं। 2018 में छह युवा एक साथ सेना में भर्ती हुए थे और इस बार तीन युवा भर्ती हुए हैं। गांव के रति राम पहले शख्स थे, जो 1964 में भर्ती हुए थे। उनसे प्रेरित हुए युवक आज हर भर्ती में जाते हैं।
ये युवा सेना में : सेना में भर्ती होने वालों में कमलेश चौहान, अरुण चौहान, राकेश, जयप्रकाश चौहान, निशांत, दिनेश, अमित, अक्षय चौहान, दीपक, सचिन, सूरज, जयप्रकाश (गोलू), अनुज, करन, कार्तिक, नीरज, प्रदीप, मनोज, संदीप, नवीन, सौरभ शामिल हैं। इसके अलावा यशपाल (हैप्पी), आशीष, महेश चौहान इस बार भर्ती हुए हैं।
ये हो चुके सेवानिवृत्त, ये पुलिस में
गांव के रति राम, प्रताप सिंह, दिनेश चौहान, अनिल चौहान, मुकेश चौहान, गोपाल शर्मा, देवराज शर्मा सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पोक्का गांव में पांच युवा और एक युवती पुलिस में सेवाएं दे रहे हैं। इसमें बाबू राम शर्मा, गौरव चौहान, जय प्रकाश चौहान, सचिन चौहान, दिव्या चौहान व आयुष शर्मा शामिल हैं।
प्रधान बोले, गर्व की बात
पंचायत प्रधान जयप्रकाश के अलावा प्रेम तोमर, रजनीश चौहान, नरेश चौहान, किन्नौर सिंह ने बताया कि उनके गांव के लिए गर्व की बात है कि यहां के अधिकतर युवा देश सेवा में हैं। आगे भी इसी जोश के साथ गांव का हर युवा देश की रक्षा में योगदान देता रहेगा।