महात्मा प्रवेश गिरि ने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद पंचायत प्रधान ने उनके खिलाफ अनुसूचित जाति की महिला से छुआछूत का मामला दर्ज करवाया है और उन्हें धमकी दी जा रही है कि यदि वे केस वापस नहीं लेते हैं तो उनके खिलाफ दर्ज केस भी वापस नहीं लिया जाएगा। उधर, महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद भारती ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि महात्माओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार अति निंदनीय है। यह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरी संन्यास परंपरा का अपमान है। संन्यास आश्रम के महंत दीनदयाल पुरी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उधर, पंचायत प्रधान ने बताया कि बाबा शराब के नशे में गांव में घूमता है। कई बार हिदायत दी गई कि इस हालत में गांव में न घूमा करें, लेकिन वह इसके बावजूद भी गांव में परिवार के घर में शराब पीकर घुस गया। उधर, एसपी एनएस नेगी ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।