दो कमरों में तीन बच्चों समेत आठ लोग सोए थे
जानकारी के अनुसार इंद्रा देवी के रिहायशी मकान में रात करीब ढाई बजे अचानक आग लगी। उस समय घर के दो कमरों में तीन बच्चों समेत आठ लोग सोए थे। घर में आग लगने की भनक लगने पर इंद्रा देवी तुरंत बाहर निकलीं और मदद के लिए गांववालों को आवाजें लगाने लगीं। जब तक गांव के लोग मौके पर पहुंचे तब तक आग ने पूरे मकान को चपेट में ले लिया था। बताया जा रहा है कि इस बीच रसोईघर में दो सिलिंडर फटे, जिससे आग भड़क गई। इस तरह मकान में सोए छह लोग जिंदा जल गए जबकि एक दामाद को लोग बचाने में सफल रहे। 16 फीसदी झुलसे व्यक्ति को पहले स्थानीय अस्पताल फिर सोलन अस्पताल ले जाया गया। उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी है।
सब खत्म हो गया, अब सहन नहीं हो रहा: लोकेंद्र
सब खत्म हो गया, अब सहन नहीं हो रहा...। अग्निकांड में झुलसे कराहते लोकेंद्र के इन शब्दों ने अस्पताल में सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में लोकेंद्र छुट्टी होने तक यह शब्द दोहराता रहा। जलन से कराहते और आंखों से लगातार निकल रहे आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। बार-बार आग ने सब उजाड़ दिया, अब मैं अकेला क्या करुंगा...बस यही कहता रहा। साथ आए रिश्तेदार उसे बार-बार ढाढ़स देकर चुप करवाते रहे, लेकिन थोड़ी देर बाद वह फिर रोना शुरू कर देता। चिकित्सकों से भी बार-बार छुट्टी देने का आग्रह करता रहा।
अग्निकांड में लोकेंद्र की पत्नी और तीन बच्चे काल का ग्रास बन गए
गांव तलांगना में हुए भीषण अग्निकांड में लोकेंद्र की पत्नी और तीन बच्चे काल का ग्रास बन गए। इसके बाद से वह सदमे में है। रिश्तेदार ने बताया कि आग लगने के बाद लोकेंद्र ने कमरे में धुआं देखा। इसके बाद अपनों को बचाने के लिए आवाजें तक लगाईं। सिलिंडरों में भी धमाके हो गए। इसके बाद लोकेंद्र भी आग की लपटों में घिर गए। इससे वह भी झुलस गए। हादसे में लोकेंद्र की पत्नी कविता (36) निवासी गांव कुमड़ा जिकनीपुल नेरवा और दो बेटियां कृतिका (13) और सारिका (13) की मौत हो गई। वहीं, लोकेंद्र के बेटे कृतिक की भी जान चली गई है। इसके बाद से लोकेंद्र बच्चों को याद कर रहा है।
मामा-भांजा सोने के लिए चले गए दूसरे गांव
जाको राखे साइयां मार सके न कोए। जानकारी के अनुसार सूजल को क्रिकेट खेलने का काफी शौक है। रात को उसे पता चला कि साथ लगते गांव में क्रिकेट खेली जा रही है। ऐसे में वह अपने दोस्तों सहित सोने के लिए साथ लगते गांव चला गया। वहीं, विक्रम भी अपने संबंधियों के यहां रात को सोने के लिए चला गया था।
हादसा इतना भयानक कि मृतकों के अवशेष ही मिले
आग इतनी भयानक थी कि मौके पर मृतकों के अवशेष ही मिले हैं। बताया जा रहा है कि बच्चों के शव या अवशेष अभी नहीं मिल पा रहे हैं। जेसीबी मशीन की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है। जानकारी मिलने के बाद फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची है। टीम अवशेषों की जांच कर रही है। इसके अलावा आग लगने के कारणों का भी टीम पता लगा रही है।