सिंगल विंडो (राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण) में नए उद्योग स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार से संबंधित 18 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। इनमें लगभग 977.47 करोड़ रुपये का निवेश होना प्रस्तावित है। इन उद्योगों के स्थापित होने से हिमाचल के 3793 लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान होंगे। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। प्राधिकरण की ओर से मैसर्ज अंजुश्री लाइफ साइसिंस प्राइवेट लिमिटेड को सोलन जिला की नालागढ़ तहसील के मंझोली औद्योगिक क्षेत्र में एपीआई बल्क ड्रग्स एवं संबद्ध उत्पादों के उत्पादन, सोलन जिला की नालागढ़ तहसील के मंझोली औद्योगिक क्षेत्र में इथेनोल के उत्पादन, मैसर्ज एआरओ ऑयल्स इंटरनेशनल को शिमला जिला की रोहड़ू तहसील के चाक उकली गांव में सिडार वुड ऑयल के उत्पादन करने को स्वीकृति दी है।
मैसर्ज ऑर्गेनिक लैब्ज प्राइवेट लिमिटेड को कांगड़ा जिला के औद्योगिक क्षेत्र कंदरोड़ी में एंटी कैंसर, एंटी टीबी, क्रिटिकल केयर इत्यादि के विनिर्माण, जिला सोलन की तहसील नालागढ़ के किरपालपुर औद्योगिक क्षेत्र के मैसर्स मैडवॉर कैप्स को ईएचजी कैप्स के उत्पादन, जिला सोलन की तहसील नालागढ़ के किरपालपुर औद्योगिक क्षेत्र के मैसर्स फॉरच्यूनर पेपर प्रोडक्ट को कॉरूगेटिड बॉक्स व मोनोकार्टन के उत्पादन, जिला सोलन की तहसील नालागढ़ के किरपालपुर औद्योगिक क्षेत्र के मैसर्स टासमैड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दवाओं व कैप्सूल के उत्पादन, जिला सोलन की तहसील नालागढ़ के औद्योगिक क्षेत्र प्लासरा के मैसर्स एपीजी ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड को कैमिकल आधारित एपीआई उत्पाद बनाने, जिला सोलन की तहसील नालागढ़ के अदुवाल औद्योगिक क्षेत्र के मैसर्स भारत स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड को इथेनॉल, पॉवर जनरेशन फॉर कैप्टिव यूज, डीडीजीएस, कार्बन डाईऑक्साइड के उत्पादन और जिला सोलन की तहसील नालागढ़ के प्लासरा औद्योगिक क्षेत्र के मैसर्स एशकेम ऑरगेनिक्स को एपीआई विनिर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में विस्तार प्रस्तावों के तहत जिला सोलन की तहसील बद्दी के ग्राम टिपरा में मैसर्स माइक्रो सीमलेस को सीमलेस ट्यूब और संबद्ध इंजिनियरिंग ऑटो कंपोनेंट्स आदि के निर्माण और जिला सोलन की तहसील नालागढ़ के ग्राम थंथेवाल के मैसर्स इमैक्युल लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड को इंजेक्शन और क्लेरिथ्रोमाइसिन लियोफिलाइज्ड पाउडर फॉर साल्यूशन के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। भारत सरकार की ओर से अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे में बीबीएन नोड के अनुमोदन के उपरांत 1024 एकड़ भूमि को एसआईए (राज्य सरकार और एनआईसीडीसी) की ओर से विकसित किया जाएगा।