क्षेत्र के प्रसिद्ध गायक सुभाष राणा जल्द ही सात समंदर पार कनाडा में प्रदेश की सांस्कृतिक की झलक दिखाएंगे। जोगिंद्रनगर उपमंडल के गांव लडवांण के सुभाष राणा सितंबर में कनाडा जाने वाले हैं। हिमाचल और पंजाब के लोगों ने उनके गानों और संस्कृति को फेसबुक पर इतना पसंद किया है कि उन्हें सात समंदर पार से बुलावा आया है।
उन्होंने कुछ दिन पहले ही वीजा के लिए आवेदन दिया है, इससे पहले वह प्रदेश की लोक संस्कृति की झलक मुंबई में भी दिखा चुके हैं। वह अंतरराष्ट्रीय मेलों, राष्ट्रीय मेलों, ग्रीष्म कालीन उत्सव, शीत कालीन उत्सव, जिला स्तरीय मेलों के माध्यम से देश और प्रदेश में भी लोक संस्कृति की अमिट छाप छोड़ चुके हैं। उन्होंने हमेशा ही प्रदेश के पारंपरिक गीतों के माध्यम से पहाड़ी संस्कृति को महत्व दिया है।
इसके तहत सुभाष राणा को शान ए हिमाचल, हिमस्वर की गूंज, हिम गौरव के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। हाल ही में उन्हें मनाली में शान-ए-भारत राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें आकाशवाणी शिमला, दूरदर्शन केंद्र शिमला और लोकसंपर्क विभाग में भी कार्य करने का मौका मिला।
इसका श्रेय उन्होंने अपनी माता बर्फी देवी और पिता स्व. चुनीलाल सहित माता चतुर्भुजा को दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव, कुल्लू दशहरा, रामपुर लवी, सुजानपुर होली के मेलों में भी प्रस्तुति दी। इसके अलावा उन्होंने महाराजा अग्रसेन थियेटर और दिल्ली ऑडिटोरियम थियेटर में भी कार्यक्रम पेश कर वाहवाही लूटी। उनकी मेहनत और लगन को देखते हुए उन्हें केंद्रीय फिल्म अवार्ड भारत सरकार दिल्ली रिजन का सदस्य बनाया गया।
हर जिला और उपमंडल स्तर पर हो संग्रहालय
सुभाष का कहना है कि प्रदेश की संस्कृति को बचाने के लिए हर जिला और उपमंडल स्तर पर संग्रहालय भवन बनाया जाना चाहिए। इसके तहत लोक कलाकारों को कुछ सीखने और सिखाने का मौका मिल सकता है।