इसमें जमीन हिमाचल सरकार की और कॉलोनियां बनाने का जिम्मा सिंगापुर सरकार का होगा। कॉलोनियां बनाने के बाद जितने फ्लैट बनेंगे, उसमें दोनों सरकार की बराबर की हिस्सेदारी होगी, लेकिन काम शुरू करने से पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने शिमला प्लानिंग एरिया में चार मंजिला भवन बनाने के बजाय
ढाई मंजिल तक भवन बनाने के आदेश जारी किए। इस कारण सिंगापुर सरकार प्रोजेक्ट को शुरू करने से फिलहाल पीछे हट गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास) तरुण कपूर ने कहा कि सरकार इस मामले में एनजीटी में फिर पुनर्विचार याचिका दायर करने जा रही है। ढाई मंजिला भवन बनाए जाने से हिमाचल और सिंगापुर दोनों सरकार के लिए यह घाटे का सौदा होगा।