यहां पर मुख्य पंडित अमलन गोस्वामी और जयदेव चक्रवर्ती ने पूजा-अर्चना कर मूर्ति का विसर्जन किया। इसी बीच सैकड़ों की तादाद में मौजूद भक्तों ने मां तुम अगले बरस जल्दी आना जैसे उद्घोष लगाए। शाम करीब पांच बजे कालीबाड़ी से निकला दल वापस मंदिर पहुंचा।
कालीबाड़ी मंदिर शिमला के प्रधान नवीन कुमार बैनर्जी ने बताया कि कालीबाड़ी हॉल में शाम साढ़े सात बजे मूर्ति विसर्जन के बाद लाया गए शांति जल के छींटे पुजारी ने भक्तों को दिए। इसके अलावा नवमीं पर किए गए हवन के तिलक भी भक्तों को लगाए गए, वहीं पुष्प भी भक्तों को बांटे गए। इस अवसर पर सचिव कलौल प्रमाणिक, सह सचिव दापोश बैनर्जी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।