दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से श्रीराम मंदिर में वीरवार को श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कृष्ण विदाई और और कंस वध का वर्णन किया गया।
इस मौके पर आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी वैष्णवी भारती ने प्रवचन किया। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान शिमला शाखा की मुख्य प्रचारक रुकमणि भारती ने बताया कि कथा का शुभारंभ भागवत पूजन के साथ हुआ।
इसके बाद भगवान की स्तुति की गई। कथा के दौरान बताया गया कि आखिर वे कौन से कारण थे जिसके चलते भगवान कृष्ण को कंस का वध करना पड़ा था।
कंस एक अधर्मी राजा था और न सिर्फ अपनी प्रजा बल्कि अपनी बहन पर भी कहर ढा रहा था। उसकी अधर्मी नीतियों से प्रजा भी खासी परेशान थी।
जब उसका वध हुआ तो प्रजा को भी उसके कुशासन से मुक्ति मिली। संदेश दिया गया कि अधर्मी का नाश एक न एक दिन जरूर होता है। पावन आरती के साथ कथा संपन्न हुई। कथा सुनने आए लोगों को प्रसाद भी बांटा गया।
रुकमणि भारती ने बताया कि शुक्रवार को श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रीराम मंदिर में भंडारे का आयोजन किया जाएगा।