श्रीखंड महादेव यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का अंतिम जत्था रवाना हो गया है। यह जत्था 31 जुलाई को वापस पहुंचेगा। इस बार ट्रस्ट की देखरेख में हुई यात्रा करीब 12 दिन तक चलेगी। हालांकि दो दिन भारी वर्षा और सिंघगाड में बादल फटने से हुए भारी नुकसान के कारण यात्रा रोक दी गई थी, जिसे फिर से शुरू किया गया था। दस दिन की यात्रा में करीब ढाई हजार श्रद्धालुओं का पंजीकरण हुआ है।
इस ऐतिहासिक यात्रा से परिवार सहित लौटे प्रदेश मिल्कफेड के डायरेक्टर कुलवंत कश्यप, बबीता कश्यप, आदित्य कश्यप, तिलक राज कश्यप, कृतिका कश्यप, हरियाणा के पिंजौर निवासी अंकुर सुखीजा, ने कहा कि वे आस्था लेकर महादेव के दर्शन को निकले हैं और महादेव पर विश्वास ही उनकी हिम्मत है। उन्होंने कहा कि वे महादेव के दर्शन कर धन्य हो गए हैं।
श्रीखंड के रास्तों में पार्वती बाग, भीमडवार, नैन सरोवर, भीम बही, थाचडू़, बराटी नाला सहित कई ऐसे मनोहर स्थल हैं जिसे देखकर श्रद्धालु यहां बार-बार आने को लालायित रहता है। एसडीएम आनी डा. सीएल चौहान ने बताया कि दो दिन यात्रा को स्थगित किया गया तो यात्रियों को रोक पाना संभव नहीं था।
बेस कैंप भीमडवारी में तेज हवा से स्थापित टेंट तक उखड़ गए थे। ऐसे में इस स्थिति से निपटना चुनौतीपूर्ण रहा। चौहान ने श्रद्धालुओं से अपील की कि 28 जुलाई को प्रशासनिक तौर पर पंजीकरण बंद कर दिया गया है। ऐसे में उनकी सभी रेस्क्यू टीम सहित अन्य सभी मशीनरियां वापस कर दी जाएंगी। यदि ऐसे में ठंड और बरसात के मौसम में कोई श्रद्धालु गया तो उसे रेस्क्यू करवाना प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा।