पिछले 96 घंटों से हो रही बारिश और शनिवार को पार्वती बाग में बर्फबारी के कारण ऐतिहासिक श्रीखंड यात्रा पर गए डेढ़ सौ से ज्यादा श्रद्धालुओं को रेस्क्यू टीम ने ऐन मौके पर पहुंचकर उनकी जान बचाई।
जिला प्रशासन के मुताबिक अभी तक 814 श्रद्धालुओं को रेस्क्यू किया गया है। बर्फ में रुके रहने के कारण उनके हाथ पैर पूरी तरह से जम चुके थे।
हालांकि, अमर उजाला ने अपने 17 जुलाई के अंक में श्रद्धालुओं को पहले ही आगाह किया था कि इस बार श्रीखंड यात्रा आसान नहीं है।
152 की हालत नाजुक
श्रीखंड महादेव की यात्रा में इस बार विभिन्न स्थानों पर 15 ग्लेशियर हैं। जबकि पार्वतीबाग से आगे सात किलो मीटर रास्ते में अभी भी बर्फ जमी हुई है।
एसडीएम आनी नीरज गुप्ता का कहना है कि रेस्क्यू टीम ने ऐसे करीब 152 लोगों को सुरक्षित स्थानों लाया है जिनकी हालत खराब है।
उन्होंने बताया कि उक्त लोगों की हालत इतनी गंभीर थी कि अगर समय पर सहायता न मिलती तो मंजर कुछ और ही होता।
बर्फबारी शुरू सैंकड़ों श्रद्धालु लापता!
इस बार श्रीखंड महादेव में विपरीत परिस्थितियां श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा ले रही है। पिछले तीन दिनों से बारिश ओर बर्फबारी का सिलसिला जारी है।
एक दिन पूर्व ही पार्वतीबाग में पांच सेंटीमीटर ताजी बर्फ गिरी है। इससे यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से मिले आंकड़ों के अनुसार यात्रा पर रोक से पहले 4000 यात्री बेसकैंप में पंजीकृत हैं।
इनमें से 3100 से ज्यादा यात्री सुरक्षित लौट आए थे। सूचना मिलने के बाद बीच रास्ते में फंसे सभी यात्रियों को निकाल लिया गया है।
डाक्टर और पुलिस कर्मी भी बीमार
एसडीएम आनी ने बताया कि 814 श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अभी स्थिति खतरे से बाहर है। सूचना के अनुसार इस बार हालात इतने खराब हैं कि चिकित्सकों सहित पुलिस के जवान भी बीमार पड़ गए हैं।
हालांकि प्रशासन ज्यादातर लोगों को रेस्कयू करने की बात कह रहा है। मगर बावजूद इसके लापता श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है।