एचआरटीसी और प्राइवेट बसों की शादियों के लिए बुकिंग होने से बुधवार को राजधानी शिमला और आसपास के इलाकों में परिवहन व्यवस्था बुरी तरह गड़बड़ा गई। स्टॉपेज पर बसों के इंतजार में खड़े लोगों को घंटों बाद भी बसें नहीं मिलीं। शहर में सामान्य के मुकाबले कम संख्या में बसें चलने से लोगों को जान जोखिम में डालकर ओवरलोड बसों में सफर करना पड़ा।
बुधवार को एचआरटीसी की 22 और 45 प्राइवेट बसें बुकिंग पर रही। राजधानी से सटे घैणी क्षेत्र में बुधवार सुबह लोग बस स्टॉप पर पहुंचे लेकिन बस नहीं आई। मंगलवार शाम शिमला से घैणी के लिए बस भेजी गई थी लेकिन बुधवार सुबह बस गायब थी। लोगों ने एचआरटीसी के कंट्रोल रूम में जब इसकी शिकायत की तो पता चला कि बस बारात के लिए बुकिंग पर भेज दी है।
घैणी रूट पर सुबह के समय न तो एचआरटीसी की कोई दूसरी बस सेवा है और न ही इस रूट पर कोई प्राइवेट बस चलती है। बस न मिलने से लोगों को करीब 6 किलोमीटर पैदल रास्ता तय करना पड़ा। स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों, नौकरी पेशा लोगों और बुजुर्गों तथा बीमार लोगों को रूट फेल होने से भारी परेशानी झेलनी पड़ी। बसें न चलने से बुधवार को 60 से अधिक रूटों पर बस सेवा प्रभावित रही।
क्लब करके संचालित किए रूट : नेगी
बसें बुकिंग पर होने से यात्रियों को परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए रूटों पर क्लबिंग की गई थी। घैणी रूट की बस को नया सेर रूट पर चलने वाली बसों के साथ क्लब किया था। सुबह के समय कुछ रूटों पर दिक्कत रही है लेकिन शाम के समय सभी रूटों पर बसें सामान्य तरीके से चलाई गई हैं। -देवासेन नेगी क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी