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दरकने लगी दुकानें, खाली करवा दी

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भारी हिमपात के बाद टेढ़ी हो गई कईं दुकानें, तीन करवाई गईं खाली
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कई और दुकानों पर भी मंडरा रहा है संकट
जमीन धंसने से दरकीं लकड़ी से बनीं दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में भारी बर्फबारी के बाद तिब्बती मार्केट में बनीं दुकानें दरकने लगी हैं। दुकानों के पीछे की जमीन धंसने और छत पर बर्फ के भार के चलते तीन दुकानें टूट गई हैं। इन्हें खाली भी करवा दिया है। वहीं साथ लगती कई अन्य दुकानें भी टेढ़ी हो गई हैं। इनके दरकने का खतरा बढ़ गया है।
दुकानें गिरता देख तिब्बती कारोबारियों ने इन्हें लकड़ियों से सहारे टिकाए रखा है। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार इन दुकानों का पिछला हिस्सा जमीन धंसने के कारण दरक गया है। इससे यह दुकानें रास्ते की ओर टेढ़ी होकर झुक गई हैं। तीन दुकानें शुक्रवार सुबह ही खाली करवा दी हैं। हालांकि, इनके आसपास की दुकानें अभी खुली हैं। यह भी टेढ़ी हो गई हैं, लेकिन कारोबारियों के अनुसार अंदर से यह दुकानें अभी ठीक हैं।
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तिब्बती मार्केट में बनी यह सभी दुकानें लिफ्ट के पास बनाए गए आजीविका भवन में शिफ्ट की जानी हैं। लेकिन अभी इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। मजबूरन तिब्बती कारोबारियों को अभी लकड़ी से बनी इन अस्थायी दुकानों में ही कारोबार करना पड़ रहा है। शिमला व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने कहा कि तिब्बती कारोबारियों की ओर से उन्हें इसकी शिकायत मिली थी। मौके पर निरीक्षण किया है। यहां कई दुकानों को खतरा है। कारोबारियों का काम प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन जल्द मदद करे।
पहले भी धंस चुकी है तिब्बती मार्केट
तिब्बती मार्केट पहले भी धंस चुकी है। साल 2012 में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कई दुकानें दब गई थीं। इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बाद पूरा बाजार शिफ्ट करने की योजना बनाई गई थी। इनके लिए लिफ्ट के पास चैलेंज फंड से भवन बन रहा है। लेकिन इसका काम लगातार लटक रहा है। एमसी आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि जल्द ही इस भवन में कारोबारियों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए कारोबारियों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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कारोबारियों की मदद
करे प्रशासन : सरना
शिमला व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष अजय सरना ने कहा कि प्रशासन को कारोबारियों की मदद करनी चाहिए। आजीविका भवन का काम जल्द पूरा किया जाए ताकि इसमें कारोबारियों को पक्की दुकानें मिल सके।
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