खस्ताहाल सड़कें
मरम्मत का काम अभी तक शुरू नहीं
सेब सीजन में होती है ट्रकों की आवाजाही, जगह-जगह पड़े गड्ढे रोक रहे रफ्तार
लोक निर्माण विभाग ने पैचवर्क तो दूर, गड्ढों को मिट्टी से भरने तक की जहमत नहीं उठाई
सेब उत्पादकों की बढ़ी चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सेब सीजन के लिए अहम मानी जाने वाली शोघी-मैहली बाईपास सड़क खस्ताहाल है। सड़क पर जगह-जगह पड़े गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बन चुके हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि लोक निर्माण विभाग अब तक न तो पैचवर्क कर पाया है और न ही अस्थायी तौर पर मिट्टी भरकर राहत दी गई है।
करीब एक महीने बाद जिला शिमला में सेब सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में सड़क की खराब हालत ने सेब उत्पादकों और वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि प्रशासन ने मार्च में सीजन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की थी, लेकिन सड़कों की मरम्मत का काम अभी तक जमीन पर शुरू नहीं हो सका है।
बाईपास सड़क पर ब्योलिया चौक में बड़ा गड्ढा बन चुका है। इसे भरने के लिए विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया। इसके आगे पंथाघाटी की ओर भी सड़क कई स्थानों पर उखड़ी हुई है। बड़ागांव के पास भी कई जगह खतरनाक गड्ढे पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले साल इस सड़क पर टारिंग की गई थी, लेकिन इस बार समय रहते पैचवर्क नहीं होने से स्थिति बिगड़ गई है।
अप्रैल महीना आधे से ज्यादा हो चुका है बावजूद इसके मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है। मैहली-मल्याणा राष्ट्रीय राजमार्ग और खलीनी-टुटीकंडी सड़क पर भी कई स्थानों पर पैचवर्क की सख्त जरूरत है। सेब सीजन से पहले इन सड़कों की स्थिति सुधारना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
सेब सीजन में बाईपास से चलते हैं ट्रक
सेब सीजन में शिमला शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए सेब से लदे ट्रकों को शोघी-मैहली बाईपास से डायवर्ट किया जाता है। पंथाघाटी निवासी और पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ने कहा कि सीजन शुरू होने से पहले सभी बाईपास सड़कों को दुरुस्त करना जरूरी है, ताकि ट्रैफिक पर दबाव कम हो और हादसों से बचा जा सके।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन कौंडल ने बताया कि कसुम्पटी मंडल में जल्द ही टारिंग और पैचवर्क का काम शुरू किया जाएगा।