राधा-कृष्ण और राम मंदिर में होगा आयोजन, महाशिवरात्रि पर इस बार 300 साल बाद आठ शुभ संयोग
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महाशिवरात्रि की तिथि शाम 5:04 बजे होगी आरंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 15 फरवरी यानी रविवार को मनाया जाएगा। शहर के राम मंदिर और गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर में शिव पार्वती-विवाह का उत्सव मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
महाशिवरात्रि की तिथि शाम 5:04 बजे आरंभ होगी और इसका समापन 16 फरवरी को सुबह 5:34 बजे होगा। महाशिवरात्रि की पूजा निशीथ काल में ही की जाती है, इसलिए 15 फरवरी को ही महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। इस बार महाशिवरात्रि का पर्व विशेष इसलिए भी है क्योंकि इस दिन सूर्य, बुध और शुक्र त्रिग्रही योग का निर्माण कर रहे हैं। गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार इसे दुर्लभ संयोग माना जाता है।
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300 साल बाद महाशिवरात्रि इस बार आठ शुभ संयोग लेकर आ रही है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिव का शिवलिंग के रूप में प्राकट्य हुआ था। उन्होंने कहा कि इस दिन चार पहर की पूजा करने का विशेष महत्व रहता है। इसमें पहले पहर में दूध, दूसरे पहर में दही, तीसरे पहर में घी और चौथे पहर में शहद से पूजन करना विशेष फलदायी रहता है। इन सब के साथ हर पहर में जल का भी प्रयोग करना जरूरी है।
चार पहर की पूजा का मुहूर्त
निशीथ काल की पूजा का मुहूर्त 16 फरवरी रात 12:09 बजे से 1:01 बजे तक रहेगा। इस व्रत का पारण 16 फरवरी को सुबह 6:33 से दोपहर 3:10 बजे तक होगा। इस दिन प्रथम पहर के पूजन का मुहूर्त 15 फरवरी शाम 6:11 से रात 9:22 बजे तक, दूसरे पहर की पूजा 15 फरवरी को रात 9:23 से 16 फरवरी सुबह 12:34 बजे तक, तृतीय पहर की पूजा 16 फरवरी को रात 12:35 से सुबह 3:46 बजे तक और चौथे पहर की पूजा 16 फरवरी को सुबह 3:46 से सुबह 6:59 बजे तक होगी। पूजा में बेलपत्र, चावल, पुष्प, दूध, दही, घी, शहद और जल से अभिषेक किया जाता है।