हिमाचल प्रदेश के 10 शहरों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। शिमला और धर्मशाला को केंद्र सरकार की मदद से स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा, जबकि आठ शहरों को हिमाचल सरकार अपने दमखम पर संवारने की रूपरेखा तैयार कर रही है। जनजातीय जिले किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर सभी जिला मुख्यालय स्मार्ट सिटी की श्रेणी में शामिल किए गए हैं।
यह कदम उठाकर प्रदेश सरकार देश के दूसरे राज्यों के सामने एक मिसाल पेश करना चाहती है। शहरी विकास विभाग की ओर से इसका खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। मोदी की देश के 100 स्मार्ट सिटी की श्रेणी में हिमाचल के शिमला शहर को ही शामिल किया गया है। उम्मीद है कि कांगड़ा के धर्मशाला शहर को भी केंद्र सरकार इस सूची में शामिल कर लेगी।
इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है। ऐसी स्थिति में सोलन, मंडी, नाहन, हमीरपुर, ऊना सहित कुल आठ ऐसे जिला मुख्यालय हैं, जिसे सूबे की सरकार अपने बल पर स्मार्ट सिटी बनाएगी। इसके लिए विदेशी पूंजी निवेश कराने की योजना है। इसके लिए प्रदेश सरकार खुद के मानक तैयार नहीं करेगी, बल्कि केंद्र सरकार की ओर से बनाए जाने वाले मानकों को ही ध्यान में रखकर शहरों को विकसित किया जाएगा।
केंद्र बना रहा है नए मानक
केंद्र सरकार की ओर से अभी तक स्मार्ट सिटी के मानक तय नहीं किए हैं। केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से अभी स्मार्ट सिटी बनाने के मानक फाइनल दौर में है। इसके बाद ही हिमाचल अगला कदम बढ़ाएगा, लेकिन इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
"हिमाचल में दस स्मार्ट सिटी बनाई जाएंगी। इस दिशा में पहल शुरू कर दी गई है। केंद्र के मानकों का इंतजार किया जा रहा है। हिमाचल अपने स्तर पर आठ शहरों को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने को तैयार है।"
- कैप्टन जेएम पठानिया, निदेशक, शहरी विकास विभाग