विदेशों की तर्ज पर अब शिमला शहर को भी स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा। जल्द ही यहां के बाशिंदों और पर्यटकों को हाई क्वालिटी सुविधाएं मिलेंगी। यही नहीं युवाओं को रोजगार के नए साधन भी मिलेंगे। केंद्र सरकार ने देश भर में 100 स्मार्ट सिटी बनाने का ऐलान किया है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का भी चयन हुआ है।
जल्द ही केंद्रीय बजट से हिल्स क्वीन का नक्शा बदला जाएगा। हर शहर के लिए 70.6 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। स्मार्ट सिटी बनने के बाद यहां वाईफाई जोन भी स्थापित किया जाएगा। केंद्र सरकार इसका खाका प्रदेश सरकार के साथ मिलकर बनाएगी।
केंद्र ने रखा है 7,060 करोड़ का बजट
पड़ोसी राज्यों में उत्तराखंड के देहरादून, रुड़की, हरिद्वार, पंजाब के अमृतसर, पटियाला, लुधियाना, हरियाणा के फतेहाबाद, अंबाला, गुड़गांव, पानीपत शहर को भी इसी तर्ज पर संवारा जाएगा। 100 शहरों के विकास के लिए केंद्र ने 7,060 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। स्मार्ट सिटी में सबसे सुविधाओं को इंटरनेशनल स्तर का किया जाएगा।
इसके तहत सिटी की आम जनता के अलावा पर्यटकों को यातायात की सुविधाएं उपलब्ध करवाना, युवाओं को आर्थिक स्थिरता देना, शहर को लोगों को हाई क्वालिटी लाइफ देने के अलावा इस शहर के लिए सरकार की भी जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। कुछ पैरामीटर तय होंगे जिसके तहत सरकारों को काम करना ही होगा। स्मार्ट सिटी का यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट हैं।
स्मार्ट सिटी में होंगी ये खास सुविधाएं
-ई-गवर्नेंस
-शहर में वाई फाई जोन
-रैपिड ट्रांस्पोर्ट सिस्टम
-आप्टिकल फाइवर कम्युनिकेशन सिस्टम
-इमरजेंसी सेवा के लिए सड़क पर स्पेशल लेन
-दुनिया के बेहतर शिक्षण संस्थानों के साथ अनुबंध
-पीपीपी मोड से हर मूलभूत सुविधा देना
-वायरलेस सेंसर डाटा सिस्टम
हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि अभी तक इस बारे में केंद्र से लिखित में अधिकारिक रूप में पत्र नहीं मिला है। हालांकि, स्मार्ट सिटी बसाने का प्रोजेक्ट है। स्मार्ट सिटी में रोजगार से साधन बढ़ने के साथ-साथ आधुनिकीकरण भी होगा और कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी।