बीते दिनों हुई बैठक में भी कोई समझौता नहीं हो सका। महासंघ ने 20 फीसदी वेतन वृद्धि की मांग रखी है। आईबीए ने 12 फीसदी की बढ़ोतरी स्वीकार की है जो महासंघ को मान्य नहीं है। उन्होंने बताया कि इन दोनों मुद्दों को लेकर हड़ताल करने का फैसला लिया है।
अगर सरकार ने महासंघ की बातों को नहीं माना तो फिर नवंबर के दूसरे हफ्ते से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उन्होंने बताया कि हड़ताल के दौरान ग्राहक सेवा पूरी तरह से बंद रहेगी।
बैंकों में नकदी से संबंधी किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं होगा। प्रदेश के सहकारी और निजी बैंकों में 26 और 27 सितंबर को सामान्य तौर पर कामकाज होगा। राज्य सहकारी बैंक और निजी बैंक हड़ताल में शामिल नहीं है।