राजधानी में खास लोगों और आम जन के लिए यातायात पुलिस के दो कानून हैं। नेताओं और अफसरों की गाड़ियां सचिवालय के बाहर खड़ी हो रही हैं। आम लोगों की गाड़ियां अगर कहीं किनारे में भी खड़ी हो तो उनके धड़ाधड़ चालान हो रहे हैं। नेताओं और अफसरों की गाड़ियों के बीच सड़क में खड़ा करने पर जुर्माने की हिम्मत नहीं की जा रही है।
राजधानी शिमला में यातायात पुलिस के नियम-कायदे आम आदमी पर ही लागू हो रहे हैं। सरकार का चेहरा माने जाने वाले प्रदेश सचिवालय के बाहर रोजाना कानून की सरेआम धज्जियां उड़ती नजर आती हैं। मंगलवार को भी दिन भर राज्य सचिवालय के बाहर का सूरतेहाल खुद सारी सच्चाई खुद बयां करता रहा। यहां हिमाचल सचिवालय और हिमाचल सरकार लिखी गाड़ियां सफेद लाइन से बाहर बीच सड़क में खड़ी नजर आ रही थीं।
‘हिमाचल सरकार’ लिखा हो तो कोई नहीं पूछता
आम लोगों को तो शीशे और गाड़ी में नीचे-ऊपर कहीं भी कुछ लिखने की मनाही है। इसे हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल रूल की अवहेलना माना जाता है लेकिन सरकारी गाड़ियों पर ‘हिमाचल सचिवालय’ और ‘हिमाचल सरकार’ लिखा होता है तो कुछ नहीं होता। इसके बारे में न तो कोई पूछताछ होती है और न ही इस पर कोई चालान करने की हिम्मत करता है।