हिमाचल में हुए 250 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले में एफआईआर दर्ज होते ही सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है जो हिमाचल समेत विभिन्न राज्यों में फैले घोटाले की जड़ों को खंगालेगी।
जांच टीम ने पुलिस और प्रदेश सरकार से मिले रिकॉर्ड का अध्ययन करना भी शुरू कर दिया है। टीम शिक्षा विभाग से मामले से जुड़े अन्य दस्तावेज मांग सकती है। जांच के दायरे में आए निजी संस्थानों और राष्ट्रीयकृत बैंकों से रिकॉर्ड कब्जे में लिया जा सकता है।
शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के जमा एक और जमा दो के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है।
2.38 लाख विद्यार्थियों में से 19915 को चार मोबाइल फोन नंबरों से जुड़े बैंक खातों में राशि जारी की गई है। छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई में एफआईआर दर्ज होते ही सूबे के निजी शिक्षण संस्थानों में हड़कंप मचा है। सरकारी स्तर पर हुई लापरवाही पर भी कई बड़े अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।