वहीं हिंदूवादी संगठन प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इससे पहले उपायुक्त कार्यालय शिमला में सोमवार देर रात गुपचुप बुलाई गई बैठक में प्रशासन ने लोगों से बातचीत कर प्रदर्शन टालने की बात रखी, लेकिन दूसरा पक्ष मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को गिराने पर अड़ा रहा। सभी पक्षों से दो घंटे तक हुई वार्ता के बाद कोई नतीजा नहीं निकला।
बैठक में संजौली में संघर्ष के लिए बनाई गई हिंदू संघर्ष समिति, हिमाचल देवभूमि संघर्ष समिति और सिविल सोसायटी के पदाधिकारी मौजूद थे। हिंदू संगठनों ने सुबह 11:00 बजे संजौली बाजार में प्रदर्शन की बात कही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अनुमति भी मांगी है, लेकिन धारा 163 लागू होने के बाद इसकी अनुमति मिलने की संभावना खत्म हो गई है। संजौली बाजार में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मस्जिद जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। जिला पुलिस ने छह बटालियनों को शिमला बुला लिया है। क्यूआरटी भी संजौली बाजार में तैनात है।