एनजीटी ने कहा कि शिमला नगर निगम और सोलन नगर पालिका अश्विनी खड्ड की पूरी तरह सफाई करने के बाद आदेश अनुपालन की रिपोर्ट राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास जमा करें। एनजीटी का यह आदेश हिमाचल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीसीबी) की तरफ से ट्रिब्यूनल में दाखिल हलफनामा पर आया है।
पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले में उनके पास चार महीने देरी से रिपोर्ट दाखिल की गई। पीठ ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस मामले में अगले वर्ष 28 फरवरी को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। वहीं मामले की अगली सुनवाई आगामी 11 मार्च को होगी।