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शिमला रेप केस: गुड़िया कांड से जुड़े कई राज खोल सकते हैं पूर्व एसपी

Mon, 20 Nov 2017 11:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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गुड़िया प्रकरण के सिलसिले में सीबीआई की गिरफ्त में आए शिमला के तत्कालीन एसपी डीडब्ल्यू नेगी पूछताछ के दौरान कई राज खोल सकते हैं। कोटखाई थाने के लॉकअप से बाहर निकालने के बाद गुड़िया मामले के एक आरोपी नेपाली सूरज सिंह की मौत कैसे हो गई? उसे क्यों और किसने मारा? सूरज की हत्या का गुड़िया मामले से क्या संबंध है?
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क्या गुड़िया मामले को सुलझाने के लिए पुलिस की थर्ड डिग्री में उसकी मौत हुई या फिर किसी को बचाने के लिए ऐसा किया गया? ऐसे कई सवालों के जवाब नेगी सीबीआई को दे सकते हैं।

जब सूरज सिंह की कोटखाई थाने में हत्या हुई, उस वक्त शिमला के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी इस मामले की जांच में शामिल नहीं थे। जांच आईजी जहूर एच जैदी की निगरानी में हो रही थी। इसे डीएसपी ठियोग मनोज जोशी और थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह समेत तमाम अन्य अधिकारी कर रहे थे।
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मामले को दबाने और झूठा केस दर्ज करने के हैं तत्कालीन एसपी पर आरोप

डीडब्ल्यू नेगी को बेशक एसआईटी में बाद में शामिल किया गया, मगर जब 18 जुलाई को थाने में सूरज की मौत हुई तो वे इस छानबीन से तटस्थ बने हुए थे। इस हत्या के हो जाने के बाद डीएसपी मनोज जोशी जरूर डीडब्ल्यू नेगी के घर आए।

सीबीआई के मुताबिक उसके बाद ही इस मामले को दबाने और फर्जी केस बनाने में ही डीडब्ल्यू नेगी की संलिप्तता सामने आई है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो आईजी जहूर एच जैदी, डीएसपी मनोज जोशी समेत अन्य सभी पुलिसकर्मी अभी तक सीबीआई को नेपाली सूरज सिंह की हत्या के पीछे की कहानी को साफ-साफ नहीं बता रहे हैं।

सीबीआई कोशिश कर रही है कि इस बारे में निलंबित एसपी डीडब्ल्यू नेगी से ही कोई ऐसी बात पता लग सकती है, जिससे ये मामला गुड़िया प्रकरण से सीधे-सीधे कनेक्ट हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि रविवार को भी नेगी को सीबीआई की कड़ी पूछताछ से गुजरना पड़ा।
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आज कोर्ट में पेशी, रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है सीबीआई

निलंबित एसपी डीडब्ल्यू नेगी सोमवार को कोर्ट में पेश किए जाएंगे। उन्हें देर रात तक नई दिल्ली से शिमला लाया जाना था। सीबीआई अदालत से दोबारा डीडब्ल्यू नेगी का रिमांड मांग सकती है।

सीबीआई का सरकारी गवाह अभी तक चल रहा निलंबित
सीबीआई की ओर से सरकारी गवाह बनाए गए दिनेश शर्मा को प्रदेश पुलिस ने सस्पेंड कर रखा है। उसका मुख्यालय शिमला में रखा गया है।

करीब चार महीने से निलंबित चल रहे दिनेश शर्मा के परिजनों ने सीबीआई से मांग की है कि उसे बहाल करवाने में मदद की जाए। उसकी छुट्टियां तक मंजूर नहीं हो पा रही हैं। परिजनों ने उसकी सुरक्षा को लेकर भी सीबीआई अधिकारियों के समक्ष चिंता जाहिर की है।
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