गुड़िया दुराचार व हत्याकांड के आरोपी सूरज की हत्या में कथित रूप से शामिल पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद अब सूबे के पुलिस प्रमुख पर सवाल खड़े हो गए हैं। विरोधी गुट मामले में डीजीपी सोमेश गोयल के खिलाफ लामबंदी करने में जुट गए हैं।
आरोप यह है कि उनके अधीनस्थ अफसर हवालात में पीट पीटकर एक आरोपी की हत्या तक कर देते हैं और सूबे के डीजीपी को पता ही नहीं चलता। यही नहीं, गुड़िया कांड में हुए गुडवर्क की प्रेस कांफ्रेंस में भी कई तरह की चूक थी, जिनको लेकर भी विरोधी गुट डीजीपी को घेरे बैठा है।
चूंकि मामले में आठ पुलिस अफसर गिरफ्तार हो चुके हैं और आधा दर्जन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है, ऐसे में डीजीपी सोमेश गोयल भारी दबाव में हैं। हालत यह है कि वह आधिकारिक रूप से इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं।
सूत्रों की मानें तो डीजीपी को पद से हटाने के लिए गुड़िया न्याय मंच के साथ पुलिस सेवा के ही कई अफसर लॉबिंग में जुटे हैं।
जानकारों का कहना है कि मामले में भारी दबाव के बावजूद शासन के बड़े ओहदे में बैठे अफसर अब भी गोयल पर ही भरोसा जता रहे हैं। यही कारण है कि लगातार हो रहे प्रदर्शनों और डीजीपी हटाओ की मांग के बावजूद सरकार चुपचाप बैठी है।