आधे शहर को पीने के पानी की सप्लाई मुहैया करवाने वाली अश्वनी खड्ड पेयजल योजना में पानी अब अत्याधुनिक तकनीक से फिल्टर होगा। अश्वनी खड्ड के पानी की गुणवत्ता पर बार-बार उठने वाले सवालों के बाद आईपीएच महकमे ने परियोजना के फिल्टर बैड में बड़ा बदलाव किया है।
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पहले रेत से पानी को साफ किया जाता था। अब रेट आफ फिल्टरेशन को बढ़ाने के लिए आधुनिक तरीके अपनाए जा रहे हैं। अश्वनी खड्ड पेयजल योजना में साल 1992 के सिस्टम से अभी तक पानी फिल्टर होता रहा है।
आईपीएच महकमे ने अब पुरानी तकनीक को बदलने का फैसला लिया है। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि अश्वनी खड्ड के पानी को और अधिक फिल्टर करने पर काम चल रहा है।
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पुरानी व्यवस्था को बदल कर जल्द ही नए तरीके से
मल्याणा ट्रीटमेंट प्लांट में व्याप्त अव्यवस्था और कई क्षेत्रों में सीवरेज कनेक्टिविटी नहीं होने से अश्वनी खड्ड में सीवरेज का गंदा पानी घुल रहा है। शहर में गर्मियों के मौसम में पीलिया फैलने का भी यही एक बड़ा कारण है।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट हो रहा चार एमएलडी पानी एमएलडी सीवरेज का पानी रोजाना खड्ड में घुल रहा है। अश्वनी खड्ड में पानी का मुख्य स्रोत भी इसी चार एमएलडी ट्रीट किए गए पानी को बताया जाता है। अब नई तकनीक से लोगों एकदम शुद्ध पानी मुहैया होगा।
यह जोड़ी गई है नई फिल्टर तकनीक आईपीएच महकमा अब फिल्टर बैड में वी वायर स्क्रीन की पाइपें लगाने जा रहा है। स्क्रीन पाइप के ऊपर रेत बिछाई जाएगी। पत्थरों को हटा दिया जाएगा। इससे रेट आफ फिल्टरेशन बढ़ जाएगा।
महकमे का दावा है कि नई तकनीक से पानी 50 से 80 प्रतिशत तक अधिक फिल्टर होगा। ग्रेवल (पत्थर) हटाने से मिट्टी के कणों में कमी आएगी। वी वायर स्क्रीन में 0.4 एमएम से बढ़ा सामान फंस जाएगा। रेत का कण भी 0.4 एमएम से बड़ा होता है।
इन क्षेत्रों में बंटता है पानी छोटा शिमला जोन के तहत अश्वनी खड्ड का पानी छोटा शिमला बाजार, मजीठा हाउस, स्ट्राबेरी हिल, खलीणी, लोअर खलीणी, बियरखाना, वर्मा अपार्टमेंट, बालटन एरिया, ब्रॉकहास्ट, लिफ्ट एरिया, हाईकोर्ट एरिया, ठंडी कोठी, कनलोग, न्यू लैंड इस्टेट, टिंबर हाउस, बैम्लोई, शिवपुरी, पारस दास गार्डन, हिमलैंड, टॉलैंड और आसपास के क्षेत्रों में पानी सप्लाई किया जाता है। कसुम्पटी से न्यू शिमला, बीसीएस, मैहली, पंथाघाटी, कांगनाधार, विकासनगर, देवनगर, विजयनगर, सूर्य नगर क्षेत्रों में पानी सप्लाई होता है।
ये है वर्तमान फिल्टर अब तक चैंबर में पानी में चूना और फिटकरी मिलाकर पानी की सफाई की जाती है। योजना में रेत और पत्थरों से पानी को फिल्टर किया जाता है। वी वायर स्क्रीन की यह पाइपें अब पानी के टैंक में घूमकर पानी को फिल्टर करेंगी।