सीएम सुक्खू ने‘पांगी एपल’ ब्रांड लॉन्च किया।
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पांगी घाटी में प्राकृतिक खेती से उत्पादित सेबों को अब अलग पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को प्राकृतिक खेती से तैयार सेबों के लिए ‘पांगी एपल’ ब्रांड लॉन्च किया। साथ ही प्रदेश सरकार ने सेब उत्पादकों को 10 और 20 किलोग्राम क्षमता वाले विशेष कार्टन पर 50 प्रतिशत अनुदान देगी। इससे पांगी के सेबों को अलग ब्रांड के तहत बाजार में उतारने और उनकी मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दे रही है। ‘पांगी एपल’ ब्रांड से क्षेत्र में उत्पादित सेबों को विशिष्ट पहचान मिलेगी। पांगी उपमंडल को प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है। यह पहल क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ दूरदराज के इस जनजातीय क्षेत्र के लोगों को आर्थिक उन्नति के नए अवसर उपलब्ध करवाएगी।
पांगी में लगभग 370 हेक्टेयर भूमि पर सेब के 1.04 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इस सीजन में करीब 550 मीट्रिक टन सेब उत्पादन का अनुमान है। यह लगभग 35 हजार पेटियों के बराबर होगा। अभी तक पांगी में उत्पादित सेबों को घाटी से बाहर बेचने के लिए कुल्लू या किन्नौर एपल के नाम से ब्रांडिंग किए गए कार्टन में भेजा जाता था। इससे पांगी में उत्पादित सेबों को अपनी अलग पहचान नहीं मिल पाती थी। अब विशेष कार्टन उपलब्ध करवाने से इस समस्या का समाधान होगा और उपभोक्ता पांगी के सेबों को उनके अपने ब्रांड से पहचान सकेंगे।
6300 कृषक परिवारों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पांगी एपल’ ब्रांड प्राकृतिक खेती के माध्यम से पांगी को प्रदेश का पहला रसायन मुक्त उपमंडल बनाने की परिकल्पना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विशेष कार्टन पर अनुदान देने से किसानों को अपने उत्पाद की अलग ब्रांडिंग करने में मदद मिलेगी। इस पहल से क्षेत्र के लगभग 6300 कृषक परिवारों की आजीविका मजबूत होने के साथ स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे पांगी के लोगों के लिए आर्थिक उन्नति के नए अवसर सृजित होंगे।