राजधानी के कान्वेंट और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को अब पास बनवाने के लिए इस बार घंटों एचआरटीसी (हिमाचल पथ परिवहन निगम) के काउंटरों के आगे कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। परिवहन निगम ने बस पास बनवाने के लिए हिम एक्सेस एप पर ऑनलाइन सुविधा देने का फैसला लिया है। प्रबंधन की ओर से https://himaccess.hp.gov.in पर यह सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट करने का काम चल रहा है। ऑनलाइन बस पास के लिए आवेदन करने के बाद अभिभावक काउंटरों से यह पास ले सकेंगे।
शहर के निजी और कान्वेंट स्कूलों के दो हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए एचआरटीसी हर साल बस सुविधा उपलब्ध करवाती है। एचआरटीसी स्कूलों बसों के लिए हर साल 40 से अधिक बसों का संचालन करता है। इसका मकसद विद्यार्थियों को रियायती दरों पर परिवहन की सुविधा उपलब्ध करवाना है। हालांकि की कमी के कारण एचआरटीसी के लिए स्कूल बसों के प्रावधान करने में खासी दिक्कतें आ रही हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि एचआरटीसी की कई इलेक्टि्रक बसें तकनीकी कारणों से खराब चल रही हैं। मरम्मत कार्य नहीं होने से बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में इस बार कितनी बसें निजी स्कूलों को मुहैया करवाई जाएंगी, इसको लेकर प्रबंधन अपने स्तर पर मंथन कर रहा है। शहर में टैक्सी सेवा महंगी होने से दो हजार से अधिक अभिभावक अपने बच्चों को एचआरटीसी स्कूल बसों से स्कूल भेजते हैं। ऐसे में हर साल स्कूल पास बनवाने के लिए मारामारी रहती है।
अभिभावक सुबह चार बजे से ही काउंटर के बाहर डट जाते थे, जिससे उनके बच्चों को परिवहन की सुविधा मिल सके। निगम के ऑनलाइन व्यवस्था होने के बाद अभिभावकों को इस जदोजहद से निजात मिलेगी। हालांकि काउंटर पर पास लेने के लिए उन्हें जरूर परेशानी झेलनी होगी। एचआरटीसी के एमडी निपुण जिंदल ने कहा कि निजी स्कूलों के बस पास ऑनलाइन बनाने की सुविधा के लिए सॉफ्टवेयर पर काम चल रहा है।