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Shimla News: निजी स्कूलों के छात्रों के ऑनलाइन बनेंगे अब HRTC बसों के पास, लाइनों में नहीं खाने पड़ेंगे धक्के

Thu, 12 Feb 2026 10:17 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

राजधानी शिमला में एचआरटीसी बस का पास बनवाने के लिए अब छात्रों को लाइनों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। परिवहन निगम ने बस पास बनवाने के लिए हिम एक्सेस एप पर ऑनलाइन सुविधा देने का फैसला लिया है। पढ़ें पूरी खबर...
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एचआरटीसी बस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजधानी के कान्वेंट और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को अब पास बनवाने के लिए इस बार घंटों एचआरटीसी (हिमाचल पथ परिवहन निगम) के काउंटरों के आगे कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। परिवहन निगम ने बस पास बनवाने के लिए हिम एक्सेस एप पर ऑनलाइन सुविधा देने का फैसला लिया है। प्रबंधन की ओर से https://himaccess.hp.gov.in पर यह सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट करने का काम चल रहा है। ऑनलाइन बस पास के लिए आवेदन करने के बाद अभिभावक काउंटरों से यह पास ले सकेंगे।

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शहर के निजी और कान्वेंट स्कूलों के दो हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए एचआरटीसी हर साल बस सुविधा उपलब्ध करवाती है। एचआरटीसी स्कूलों बसों के लिए हर साल 40 से अधिक बसों का संचालन करता है। इसका मकसद विद्यार्थियों को रियायती दरों पर परिवहन की सुविधा उपलब्ध करवाना है। हालांकि की कमी के कारण एचआरटीसी के लिए स्कूल बसों के प्रावधान करने में खासी दिक्कतें आ रही हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि एचआरटीसी की कई इलेक्टि्रक बसें तकनीकी कारणों से खराब चल रही हैं। मरम्मत कार्य नहीं होने से बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में इस बार कितनी बसें निजी स्कूलों को मुहैया करवाई जाएंगी, इसको लेकर प्रबंधन अपने स्तर पर मंथन कर रहा है। शहर में टैक्सी सेवा महंगी होने से दो हजार से अधिक अभिभावक अपने बच्चों को एचआरटीसी स्कूल बसों से स्कूल भेजते हैं। ऐसे में हर साल स्कूल पास बनवाने के लिए मारामारी रहती है।

अभिभावक सुबह चार बजे से ही काउंटर के बाहर डट जाते थे, जिससे उनके बच्चों को परिवहन की सुविधा मिल सके। निगम के ऑनलाइन व्यवस्था होने के बाद अभिभावकों को इस जदोजहद से निजात मिलेगी। हालांकि काउंटर पर पास लेने के लिए उन्हें जरूर परेशानी झेलनी होगी। एचआरटीसी के एमडी निपुण जिंदल ने कहा कि निजी स्कूलों के बस पास ऑनलाइन बनाने की सुविधा के लिए सॉफ्टवेयर पर काम चल रहा है।

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अभी बच्चों को स्कूल भेजने का खुद करना होगा इंतजाम
राजधानी शिमला के निजी और कान्वेंट स्कूल इसी माह खुल रहे हैं। इस वजह से इन दिनों में बच्चों को स्कूल भेजने और लाने का इंतजाम अभिभावकों को खुद ही करना होगा। एचआरटीसी हर साल मार्च से ही स्कूल बसों के संचालन का काम करता है। वर्तमान में सॉफ्टवेयर अपलोड होने के बाद अभिभावकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे और बस पास जारी होने के बाद ही बसों का संचालन किया जाएगा। 

सीआईएसई 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आज से 
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस की सीआईएसई कक्षा 12वीं बोर्ड की परीक्षा वीरवार से शुरू होंगी। शिमला समेत प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। पहले दिन मनोविज्ञान विषय की परीक्षा होगी। परीक्षा दोपहर दो से शाम पांच बजे तक होगी। 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 6 अप्रैल तक चलेंगी। 13 फरवरी को अंग्रेजी की परीक्षा होगी। इसके बाद 14 फरवरी को आर्ट पेपर तीन और लीगल स्टडीज, 16 फरवरी को इंग्लिश पेपर दो, 20 फरवरी को अकाउंट्स और 23 फरवरी को केमिस्ट्री पेपर एक की परीक्षा होगी। आईसीएसई कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 30 मार्च तक होंगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। 
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