राजधानी में सफाई व्यवस्था के नाम पर फर्जीवाड़ा कर घर बैठे तनख्वाह लेने के मामले का पर्दाफाश होने लगा है। शहरी विधायक हरीश जनारथा की सख्ती के दूसरे ही दिन बुधवार को निगम की टीम जांच के लिए फील्ड में उतर गई। शहर के एक वार्ड में महिला कर्मी ड्यूटी से गायब मिली। वार्ड की महिला पार्षद से जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि आज तक वार्ड में यह कर्मचारी कभी नहीं देखी।
वार्ड में तैनात अन्य कर्मचारियों ने भी इसकी पुष्टि की कि यह काम पर नहीं आती। इसे सैहब सोसायटी के तहत सड़क की सफाई के लिए तैनात किया था। जांच के बाद पता चला कि यह महिला कर्मी इस वार्ड में तैनात दफेदार की बहू है। यह ड्यूटी पर न होने के बावजूद इसकी हाजिरी लगा रहा था। बुधवार को भी रजिस्टर पर इसकी हाजिरी दर्ज मिली। अब नगर निगम दोनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य शाखा मामले की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। देखा जाएगा कि आखिर कब से महिला बिना काम किए ही तनख्वाह ले रही थी।
एक ही परिवार से नौकरी पर लगे कई सफाई कर्मचारी, कुछ नहीं आते काम पर
राजधानी में घर बैठे तनख्वाह लेने के मामले की जांच के बाद नगर निगम ने कर्मचारियों को क्लीन चिट दे दी थी। लेकिन जैसे ही शहरी विधायक हरीश जनारथा ने इस जांच पर सवाल उठाए तो नगर निगम ने फिर से जांच शुरू कर दी। अब दोबारा फील्ड में जाकर जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछेक और फर्जी मामले सामने आ सकते हैं। अब इस मामले में नगर निगम के जांच की सुई एक ही परिवार से सैहब सोसायटी में लगे कई कर्मचारियों पर घूम रही है।
निगम के पास शिकायतें पहुंची हैं कि कई कर्मचारी ऐसे हैं जो काम पर नहीं आ रहे। एक ही परिवार के तीन से चार कर्मचारी सैहब सोसायटी में लगे हैं लेकिन इनमें सभी काम पर नहीं आ रहे। वार्ड की सफाई व्यवस्था देखने के लिए लगाए दफेदारों के परिवार से भी कई सदस्य सैहब में नौकरी कर रहे हैं। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि जिन वार्डों में दफेदार तैनात हैं, उनके रिश्तेदार अब उन वार्डों में डयूटी नहीं देंगे। इन्हें बदला जाएगा। नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतन चौहान ने कहा कि इस व्यवस्था में बदलाव लाया जाएगा।
मामले में होगी कार्रवाई
नगर निगम की टीम ने बुधवार को एक वार्ड में महिलाकर्मी को काम किए बिना ही तनख्वाह लेते पकड़ा है। इसका ससुर इसकी हाजिरी लगा रहा था जबकि यह लोगों ने कभी काम पर आते नहीं देखी। इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस तरह की अन्य शिकायतों पर भी कार्रवाई को
कहा है।
- उमा कौशल, उपमहापौर नगर निगम शिमला