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Shimla News: चिट्टा तस्करी के मामले में एसबीआई का लोन मैनेजर गिरफ्तार, सिरमौर का निवासी है आरोपी तरुण ठाकुर

Fri, 17 Apr 2026 12:27 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रोहड़ू शाखा में लोन मैनेजर/फील्ड ऑफिसर के पद पर तैनात आरोपी तरुण ठाकुर को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर...
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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जिला शिमला में चिट्टे का कारोबार कर रहे लुकास गिरोह के एक अहम सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ने के बाद जांच में जुटी पुलिस ने अब एक बैंक अधिकारी को गिरफ्तार किया है।
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33 साल का आरोपी बैंक अधिकारी तरुण ठाकुर, निवासी गांव चोगटाली, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर का रहने वाला है। यह वर्तमान में एसबीआई रोहड़ू में लोन मैनेजर/फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने आरोपी को धारा 29 एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 10 फरवरी को थाना जुब्बल में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार नौ फरवरी को एक स्थानीय महिला आरोपी को 13.46 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया गया था। इससे गहन पूछताछ और बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर पुलिस ने 17 मार्च को मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो कई और नाम इस कारोबार में संलिप्त पाए गए। छह अप्रैल को पुलिस ने फॉरवर्ड लिंकिज के आधार पर तीन अन्य आरोपियों आशीष उर्फ गांधी, मनोज ठाकुर उर्फ सनी और खुशी राम उर्फ कुश को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले की जांच यहीं पर बंद नहीं की और आरोपियों से पूछताछ के अलावा अन्य पहलुओं को भी बारीकी से खंगाला। इसके बाद चौंकाने वाले नाम का खुलासा हुआ। पुलिस वीरवार को आरोपी बैंक अफसर तक पहुंची और इसे गिरफ्तार कर लिया।
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मुख्य सप्लायर से जुड़े तार, खरीद फरोख्त के मिले सबूत
जांच में पाया गया कि आरोपी मादक पदार्थ (चिट्टा/हेरोइन) की खरीद-फरोख्त में सक्रिय रूप से संलिप्त था। इसका सीधा संपर्क मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी से था जो अमृतसर का रहने वाला है। दोनों के बीच ऑनलाइन माध्यम से वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं जिससे इस अवैध नेटवर्क की पुष्टि हो गई। एसएसपी गौरव सिंह ने कहा कि अब तक चिट्टा तस्करी के इस नेटवर्क में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच के दौरान एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है जिसमें अंतरराज्यीय सप्लायर, स्थानीय वितरण तंत्र और वित्तीय लेनदेन की स्पष्ट कड़ियां सामने आई हैं। मामले की जांच जारी है।
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