एसडीएम ग्रामीण निशांत ठाकुर ने लिया बैली ब्रिज का जायजा।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को निचले हिमाचल से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-205 पर घंडल के पास बने बैली ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने से अब वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही होगी। डीसी आदित्य नेगी ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के मुताबिक निचले हिमाचल से शिमला की ओर आने वाले भारी वाहन वाया गलोग-धामी-बागीपुल-देवनगर-घणाहट्टी से चलाए जाएंगे। यहां से लोगों को 32 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। छोटे वाहन को बंगोरा-सोलह मील-ऊपरली झाकड़ी-सेदन-शकराह-पक्की बावड़ी-घणाहट्टी सड़क होकर चलेंगे। इन वाहनों को 9 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। मंगलवार से यह व्यवस्था शुरू की जाएंगी।
शिमला से मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा की ओर जाने वाले भारी वाहन वाया घणाहट्टी-कंडा-पनेश-रूगड़ा-कोहबाग-रंगोल-शारलाघाट-गलोट से रवाना होंगे। यहां से 34 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना होगा। छोटे वाहनों के लिए घणाहट्टी-हीरादेवी-नालहटी-कालहट्टी-बंगोरा होकर आवाजाही करेंगे। इन वाहनों को 11 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। इस दौरान चारों मार्गों पर सिंगल वे ट्रैफिक रहेगा। इससे पहले सोमवार को एनएच शिमला-मंडी हाईवे को बहाल करने के लिए गठित कमेटी ने वैकल्पिक मार्ग का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त भी किया जा रहा है। बैली ब्रिज को बहाल करने को लेकर कार्य शुरू कर दिया है। उपायुक्त आदित्य नेगी ने पुलिस प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए है।
शहर में कटिंग और खुदाई के कामों पर लगा प्रतिबंध
वहीं, राजधानी में कटिंग और खुदाई के कार्यों पर नगर निगम ने रोक लगा दी है। सोमवार को इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। नगर निगम वास्तुकार महबूब शेख ने कहा कि शहर में खुदाई से जुड़े किसी भी कार्य के लिए अनुमति नहीं होगी। बरसात को देखते हुए शहर में खुदाई के कामों पर रोक लगा दी है। यदि कोई व्यक्ति खुदाई या कटिंग का काम करता है और उसके कारण नुकसान होता है तो इसकी भरपाई संबंधित व्यक्ति से की जाएगी।