नगर निगम की मासिक बैठक में पार्षद निधि, ई-गवर्नेंस जैसे अहम प्रस्ताव पारित हो गए। सदन में जहां इन दोनों प्रस्तावों पर सबने सहमति जताई वहीं, न्यू मर्ज एरिया को लेकर हंगामा भी बरपा। डिप्टी मेयर राकेश शर्मा समेत कई पार्षदों ने इन एरिया के लिए ज्यादा बजट देने की मांग की।
इस मामले पर विवाद इतना बढ़ गया कि पार्षद सत्या कौंडल ने बीच में ही वॉकआउट कर दिया। संजौली चौक से पार्षद सत्या कौंडल का कहना था कि उनके वार्ड में तीन कॉलोनियां ऐसी हैं जो न्यू मर्ज एरिया में आती हैं। यहां कोई सुविधा नहीं है। निगम इसके लिए ज्यादा बजट जारी करे।
इस पर संयुक्त आयुक्त ने कहा कि मौके पर जाकर देखा जाएगा कि ये कॉलोनी मर्ज एरिया के तहत आती भी है या नहीं। साथ ही मर्ज एरिया के लिए पैसा जारी करने का प्रस्ताव सरकार को भेजने की बात भी कही। लेकिन अधिकारी के जवाब से असंतुष्ट पार्षद ने वॉकआउट कर दिया।
डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ने भी मर्ज एरिया को लेकर भेदभाव की बात कही। कहा कि नगर निगम में 21 साल पहले शामिल हुए कई इलाके ऐसे हैं जो अभी भी पिछड़े हैं। मीरा ने कहा कि मर्ज एरिया के लिए ज्यादा बजट का प्रावधान करना होगा। बाद में इस पर सदन ने तय किया कि इस मामले को सरकार को भेजा जाएगा।
सदन में ये प्रस्ताव हुए पारित
निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 200 से बढ़ाकर 210 रुपए दैनिक वेतन राशि देने, सैहब कर्मचारियों को पीपीई के तहत ग्लब्ज, रेनकोट आदि देने और निगम में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर के 20 पद भरने के प्रस्ताव सदन में पारित किए गए।
स्मार्ट सिटी बनाना है या स्ट्रीट सिटी: किमी सूद
शिमला। बैनमोर की पार्षद किमी सूद ने तहबाजारियों का मामला सदन में उठाया। कहा कि हमें शिमला को स्मार्ट सिटी बनाना है, स्ट्रीट सिटी नहीं। कहा कि तहबाजारियों का पंजीकरण हो और इनके लिए जगह तय हो। आयुक्त ने कहा कि इन पर नीति बना ली है जो जल्द लागू होगी।
साथ ही कहा कि 2016 में हुई वीडियोग्राफी के दौरान जो तहबाजारी छूट गए हैं और जिन्होंने पहले आवेदन किया था, उन्हें फिर से पंजीकरण का मौका दिया जाएगा। पार्षद आरती चौहान ने भी संजौली में शाम पांच बजे के बाद टनल तक तहबाजारियों का मामला उठाया। आयुक्त ने कहा कि शुक्रवार से ही इन पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।