माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया
दोनों तरफ से शुरू नारेबाजी के कारण माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया और महापौर ने सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी। हालांकि इस बीच सदन में एक दूसरे पर भाजपा पार्षदों ने बचत भवन में नारेबाजी का दौर जारी रखा। 2:55 बजे कांग्रेस पार्षद सदन से बाहर आ गए। दोपहर 3:09 बजे महापौर दोबारा अपने पार्षदों के साथ बचत भवन आए और फिर सदन की कार्रवाई शुरू की।साढ़े तीन बजे के बाद सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा पार्षद सदन में नहीं रहे। हालांकि महापौर ने भाजपा के पार्षदों से एक-एक कर सवालों को लेकर पूछा, लेकिन उन्होंने सवालों पर बात करने से मना कर दिया।
राज्यपाल को भेजेंगे मामला
सदन की कार्यवाही में कृष्णानगर के पार्षद बिट्टू पाना पर बार-बार कार्रवाई में अड़ंगा डालने का आरोप भी लगा। मेयर सुरेंद्र चौहान ने दो बैठकों के लिए पार्षद बिट्टू पाना को निलंबित कर दिया है। इसको लेकर सदन में प्रस्ताव पारित किया। हालांकि इसके बाद भी पार्षद नारेबाजी करते रहे और बैठ गए। कुछेक मिनट बाद पार्षद बाहर चले गए। महापौर ने बताया कि इस मामले को वह राज्यपाल के समक्ष भेजेंगे और बताएंगे कि भाजपा पार्षद विकासात्मक कार्यों को लेकर लगातार अड़ंगा डाल रहे हैं। वह पार्टी हित से ऊपर उठकर पार्षदों की मांग अनुसार लोगों के काम करते हैं।
महापौर की बातों को करते रहे अनसुना
नगर निगम के सदन में उस समय बवाल मचा जब भाजपा पार्षद बिट्टु कुमार पाना को वेल से बाहर भेजने के लिए कहा गया लेकिन पार्षद अपनी जगह पर तालियां बजाकर नारे लगाने में मशगूल रहे और महापौर की बातों को अनसुना करते रहे। बाद में निगम के कर्मचारियों को भेजा लेकिन कर्मी वेल में महिला पार्षदों से आगे ही नहीं आ पाए। एक कर्मी ने पार्षदों को बाहर जाने के लिए कहा। इस पर भाजपा पार्षद कमलेश मेहता, सरोज ठाकुर, आशा शर्मा, रचना झिन्ना, कुसुम ठाकुर, निशा ठाकुर भड़क गईं। उन्होंने कहा कि वह अपना विरोध जता रहे हैं, इसके बाद कर्मी लौट आया।
सदन में फिर बंटा गरमा गरम हलवा
नगर निगम के सदन में शुक्रवार को हलवा भी बंटा। हालांकि इस हलवे को लेकर राजनीति शुरू हो इससे पहले भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि आज उनका जन्मदिन है। ऐसे में उन्होंने सभी के लिए यह हलवा लाया है। हालांकि इसके बाद सदन में मौजूद कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के साथ अधिकारियों तथा अन्य लोगों ने हलवे के चटखारे लिए। इससे पहले बजट सत्र के दौरान हलवे को लेकर खूब राजनीति हुई थी। महापौर ने कहा था कि भाजपा पार्षदों ने पहले दबाकर हलवा खाया और बाद में बिना बजट सुने यहां से लौट आए। इसके बाद काफी बवाल मचा था।