फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla: मेयर के कार्यकाल बढ़ाने पर एमसी सदन में हंगामा, भाजपा पार्षदों ने किया वाकआउट, एक निलंबित

Fri, 27 Feb 2026 08:27 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

सदन में भाजपा और कांग्रेसी पार्षदों ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान 14 मिनट तक सदन स्थगित भी रहा।
विज्ञापन
नगर निगम शिमला की मासिक बैठक में हंगामा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नगर निगम के महापौर का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर शुक्रवार को मासिक बैठक में जमकर हंगामा हुआ। सदन में भाजपा और कांग्रेसी पार्षदों ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान 14 मिनट तक सदन स्थगित भी रहा। वहीं सदन की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने पर महापौर ने कृष्णानगर वार्ड के पार्षद बिट्टु कुमार पाना को दो सदन के लिए निलंबित कर दिया। इसके बाद साढ़े तीन बजे भाजपा समर्थित सभी नौ पार्षद सदन से वाकआउट करके चले गए और फिर नहीं लौटे। हालांकि सदन साढ़े चार बजे तक चला। इससे पहले सदन में भाजपा पार्षद ने सीटों से खड़े होकर वेल में आकर महापौर और उप महापौर के सामने नारेबाजी शुरू की। इसके बाद कांग्रेसी पार्षदों ने भी अपनी सीटों से उठकर इसके जवाब में नारे लगाए। प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले महापौर का कार्यकाल बढ़ाकर ढाई से पांच साल कर दिया है। इसका भाजपा के पार्षद विरोध कर रहे हैं। बचत भवन में जब महापौर सुरेंद्र चौहान शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू करने लगे तो भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब विधेयक पास नहीं हुआ है तो महापौर की सीट खाली है, वह हाउस नहीं चला सकते। विधानसभा में जो विधेयक लाया है उस पर भी राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने साइन नहीं किए हैं।

विज्ञापन

माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया
दोनों तरफ से शुरू नारेबाजी के कारण माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया और महापौर ने सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी। हालांकि इस बीच सदन में एक दूसरे पर भाजपा पार्षदों ने बचत भवन में नारेबाजी का दौर जारी रखा। 2:55 बजे कांग्रेस पार्षद सदन से बाहर आ गए। दोपहर 3:09 बजे महापौर दोबारा अपने पार्षदों के साथ बचत भवन आए और फिर सदन की कार्रवाई शुरू की।साढ़े तीन बजे के बाद सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा पार्षद सदन में नहीं रहे। हालांकि महापौर ने भाजपा के पार्षदों से एक-एक कर सवालों को लेकर पूछा, लेकिन उन्होंने सवालों पर बात करने से मना कर दिया।

राज्यपाल को भेजेंगे मामला
सदन की कार्यवाही में कृष्णानगर के पार्षद बिट्टू पाना पर बार-बार कार्रवाई में अड़ंगा डालने का आरोप भी लगा। मेयर सुरेंद्र चौहान ने दो बैठकों के लिए पार्षद बिट्टू पाना को निलंबित कर दिया है। इसको लेकर सदन में प्रस्ताव पारित किया। हालांकि इसके बाद भी पार्षद नारेबाजी करते रहे और बैठ गए। कुछेक मिनट बाद पार्षद बाहर चले गए। महापौर ने बताया कि इस मामले को वह राज्यपाल के समक्ष भेजेंगे और बताएंगे कि भाजपा पार्षद विकासात्मक कार्यों को लेकर लगातार अड़ंगा डाल रहे हैं। वह पार्टी हित से ऊपर उठकर पार्षदों की मांग अनुसार लोगों के काम करते हैं।

महापौर की बातों को करते रहे अनसुना
नगर निगम के सदन में उस समय बवाल मचा जब भाजपा पार्षद बिट्टु कुमार पाना को वेल से बाहर भेजने के लिए कहा गया लेकिन पार्षद अपनी जगह पर तालियां बजाकर नारे लगाने में मशगूल रहे और महापौर की बातों को अनसुना करते रहे। बाद में निगम के कर्मचारियों को भेजा लेकिन कर्मी वेल में महिला पार्षदों से आगे ही नहीं आ पाए। एक कर्मी ने पार्षदों को बाहर जाने के लिए कहा। इस पर भाजपा पार्षद कमलेश मेहता, सरोज ठाकुर, आशा शर्मा, रचना झिन्ना, कुसुम ठाकुर, निशा ठाकुर भड़क गईं। उन्होंने कहा कि वह अपना विरोध जता रहे हैं, इसके बाद कर्मी लौट आया।
विज्ञापन

सदन में फिर बंटा गरमा गरम हलवा
नगर निगम के सदन में शुक्रवार को हलवा भी बंटा। हालांकि इस हलवे को लेकर राजनीति शुरू हो इससे पहले भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि आज उनका जन्मदिन है। ऐसे में उन्होंने सभी के लिए यह हलवा लाया है। हालांकि इसके बाद सदन में मौजूद कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के साथ अधिकारियों तथा अन्य लोगों ने हलवे के चटखारे लिए। इससे पहले बजट सत्र के दौरान हलवे को लेकर खूब राजनीति हुई थी। महापौर ने कहा था कि भाजपा पार्षदों ने पहले दबाकर हलवा खाया और बाद में बिना बजट सुने यहां से लौट आए। इसके बाद काफी बवाल मचा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें