सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यह बात सामने आई है कि वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों आरोपी शूटरों ने घटना से लगभग एक महीने पहले शिमला पहुंचकर इलाके की रैकी (जासूसी) की थी। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने स्कूल के आसपास के रास्तों, वहां की गतिविधियों और आने-जाने के मार्गों का बारीकी से अध्ययन किया था, ताकि वे हत्या को अंजाम देते समय किसी बाधा का सामना न करें। पुलिस का दावा है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
जांच में अब तक की प्रगति : मामले की जांच के तहत अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें मृतका मनीषा मित्तल के परिजन, आरोपियों के परिचित और उनके मित्र शामिल हैं। इसके अलावा, आरोपियों के बैंक खातों की भी गहन जांच की गई है, ताकि किसी भी वित्तीय लेनदेन या साजिश का पता लगाया जा सके।
एसआईटी की कार्रवाई और हथियारों की खरीद का रहस्य: एएसपी सिटी मेहर पंवार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की गहराई से पड़ताल कर रहा है। जांच के लिए कई टीमें हरियाणा और दिल्ली भेजी गई हैं, जहां से महत्वपूर्ण सुराग जुटाए जा रहे हैं। एक अहम खुलासा यह हुआ है कि जिन व्यक्ति से आरोपियों ने हथियार खरीदे होने का दावा किया था, उसकी मृत्यु हो चुकी है। आरोपियों के अनुसार, ये हथियार पांच साल पहले खरीदे गए थे। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या यह जानकारी सही है या इसमें कोई छिपाव है।
संभावित वजहें और जांच की दिशा: फिलहाल, पुलिस हत्या के पीछे कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, आपसी रंजिश और संपत्ति विवाद सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, जांच अभी किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।