बेटी ने पिता के साथ जाने से किया इन्कार, प्रशासन करेगा देखभाल
मनीषा मित्तल की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी ने अपने पिता के साथ जाने से इन्कार कर दिया है। अब नियमों तहत प्रशासन उसकी देखभाल करेगा। पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षा मुहैया करवा दी है। मनीषा की हत्या के बाद रविवार को उनके पति शिमला पहुंचे थे और बेटी की मौजूदगी में शव का आईजीएमसी में पोस्टमार्टम करवाया था। इस दौरान पुलिस ने जब नाबालिग को पिता के साथ जाने के लिए कहा तो उसने इन्कार कर दिया।
मनीषा की हत्या के बाद बेटी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। इसको देखते हुए नियमों के तहत पुलिस ने उन्हें प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है और उनकी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एएसपी अभिषेक ने बताया कि आरोपियों को अदालत ने सात दिन के रिमांड पर भेजा है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
कहां से पकड़े गए आरोपी, कौन हैं दोनों और पुलिस हथियार साथ क्यों लाई?
राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की निदेशक मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में पुलिस ने 40 घंटे के भीतर दो आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया है।
कहां से पकड़े गए आरोपी?
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान
आशीष अहलावत (22), निवासी दुजाना गांव, झज्जर
दीपक उर्फ दीपक बुढ़वार (25), निवासी सुनारिया खुर्द, रोहतक के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पेशेवर शूटर बताए जा रहे हैं और इनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- आशीष पर रंगदारी (Extortion) का मामला दर्ज है।
- दीपक पर आर्म्स एक्ट, रंगदारी और मारपीट समेत कई केस दर्ज हैं।