जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने सेवा में कोताही और अनुचित व्यापार व्यवहार अपनाने के मामले में मॉल रोड स्थित आईवेंट एप्पल प्रीमियम रीसेलर के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की पीठ ने स्टोर प्रबंधन को उपभोक्ता से ली गई 5,000 रुपये की एडवांस राशि लौटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के लिए 10,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। शिमला निवासी निहारिका ने 24 अक्तूबर 2020 को आईवेंट एप्पल स्टोर से आईफोन 12 प्रो खरीदने के लिए 5,000 रुपये जमा कर बुकिंग करवाई थी।
स्टोर ने जल्द फोन उपलब्ध करवाने का भरोसा दिया था, लेकिन फोन नहीं मिला। बाद में स्टोर ने दावा किया कि एडवांस राशि को दो एप्पल 20 वॉट यूएसबी-सी पावर एडाप्टर और एक ग्रिप क्लियर केस के बिल में समायोजित कर दिया गया है। शिकायतकर्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने कोई सामान खरीदा ही नहीं था। जिला उपभोक्ताआयोग ने माना कि स्टोर प्रबंधन अपने पक्ष में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाया। इसके बाद आयोग ने 45 दिन के भीतर कुल 15,000 रुपये भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
चिट्टा तस्करी मामले में संजौली का युवक बरी
विशेष न्यायाधीश (वन) शिमला अजय मेहता की अदालत ने 11.25 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में संजौली के उज्लश गुप्ता को बरी कर दिया है। पुलिस अदालत में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं पेश कर पाई। अदालत में गवाहों ने बयान भी विरोधाभासी दिए। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज को भी पुलिस ने रिकॉर्ड पर नहीं लिया, जिससे पूरी बरामदगी संदिग्ध हो गई। पुलिस का दावा था कि 26 अप्रैल 2023 की रात शोघी बैरियर पर नाके के दौरान आरोपी की गाड़ी से 11.25 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।