फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिमला बस हादसा: इतने साल पुरानी एचआरटीसी स्कूल बस की खत्म हो गई थी इंश्योरेंस

Tue, 02 Jul 2019 10:12 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

झंझीड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हुई एचआरटीसी की स्कूल बस 10 साल पुरानी थी। जेएनएनयूआरएम के तहत शहर को मिली लाल बस पर सफेद पेंट करवा कर इसका संचालन किया जा रहा था।

विज्ञापन


झंझीड़ी सड़क संकरी होने के कारण निगम यहां बड़ी बसें नहीं भेज रहा था। यह बस 6 नवंबर 2009 को आरटीओ शिमला के पास पंजीकृत हुई थी। 3 जनवरी 2019 को इस बस की इंश्योरेंस खत्म हो गई थी, हालांकि परिवहन निगम का दावा है कि निगम की बसों के लिए इंश्योरेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी है।

प्रदेश सरकार के आदेशों के तहत 15 साल पुरानी बसों को भी बतौर स्कूल बस चलाया जा सकता है। हालांकि दस साल के बाद अधिकतर बसें खटारा हो जाती हैं।

विज्ञापन

ड्राइवर का गला पकड़ लेते हैं लोग

- फोटो : अमर उजाला
झंझीड़ी रूट पर चलने वाली बसों के चालकों के साथ आए दिन स्थानीय लोग दुर्व्यवहार करते हैं। अवैध निर्माण कर भवनों के कंकरीट के छज्जे सड़क के ऊपर तक बना दिए हैं। पार्किंग सुविधा न होने के कारण लोग मुख्य सड़क पर ही गाड़ियां पार्क करते हैं। निगम के चालकों का कहना है कि थोड़ी सी ऊंच नीच हो जाए तो स्थानीय लोग ड्राइवर का गला पकड़ लेते हैं।

क्रैश बैरियर और पैरापिट होते तो टल जाता हादसा
लोअर खलीनी में जिस जगह हादसा हुआ है वहां सड़क किनारे न तो क्रैश बैरियर लगे हैं न ही पैरापिट हैं। अगर यहां सुरक्षा के इंतजाम होते तो शायद हादसा टल जाता। हादसे के बाद जरूर पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी सड़क किनारे पत्थरों में चूना लगवाने पहुंच गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें