भट्ठाकुफर फल मंडी में हुए भूस्खलन के बाद इसका मरम्मत कार्य जल्द पूरा होने वाला है।
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शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी इस साल सेब सीजन शुरू होने से पहले कारोबार के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगी। बागवानी मंत्री ने विपणन बोर्ड से मंडी की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। वर्ष 2020 में हुए भूस्खलन के बाद से मंडी में सेब कारोबार प्रभावित है। शिमला, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिले के सेब और गुठलीदार फल उत्पादकों के लिए यह राहत भरी खबर है। भूस्खलन के बाद तीन सालों से प्रभावित चल रहा मंडी का कारोबार इस साल पटरी पर लौट सकता है।
बागवानी मंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड से भट्ठाकुफर फल मंडी की रिपोर्ट तलब की है। साल 2020 के बाद यहां सेब और गुठलीदार फलों का कारोबार कितना प्रभावित हुआ, विकल्प के तौर पर बागवानों को क्या सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं, मंडी के पुनर्निर्माण की क्या संभावना है। इसे लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है। भट्ठाकुफर फल मंडी हिमाचल की सबसे पुरानी मंडियों में शामिल है। हर साल यहां सेब की 20 से 25 लाख पेटियां बिकती हैं।
करीब 200 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली इस मंडी की स्थापना 1994 में की थी। बड़े पैमाने पर गुठलीदार फल भी इस मंडी में बिकते हैं। जुलाई 2020 में मंडी का एक हिस्से में भूस्खलन हुआ था जिसके बाद प्रशासन ने इसे असुरक्षित घोषित कर दिया। मंडी में कारोबार करने वाले कुछ आढ़तियों को ठियोग की पराला मंडी शिफ्ट कर दिया गया। आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों ने निरीक्षण के बाद इसे कारोबार के लिए असुरक्षित करार दिया था लेकिन 2020 के बाद यहां कोई भूस्खलन नहीं हुआ।
फल मंडी को लेकर मांगी रिपोर्ट
भट्ठाकुफर फल मंडी में पहले की तरह फलों का कारोबार हो सके इसका प्रयास किया जाएगा। मार्केटिंग बोर्ड से मंडी की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। सीजन शुरू होने से पहले भट्ठाकुफर फल मंडी को लेकर उपयुक्त निर्णय ले लिया जाएगा।
- जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार
मार्केट को लेकर सरकार की गंभीरता का स्वागत : चौधरी
भट्ठाकुफर फल मंडी हिमाचल की मदर मार्केट है। सेब और गुठलीदार फलों के विपणन के लिए कामयाब होने वाली यह प्रदेश की पहली मंडी है। भूस्खलन के बाद बीते तीन सालों से सरकार ने मंडी की कोई सुध नहीं ली। यह मंडी शहर के नजदीक है, यहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सरकार अगर इस मंडी को लेकर गंभीर है तो हम इसका स्वागत करते हैं।
- नाहर सिंह चौधरी, अध्यक्ष फेडरेशन और ऑल हिमाचल आढ़ती एसोसिएशन