सदन में फैसला लिया गया कि शहर में चल रहे 110 सार्वजनिक शौचालयों के दोबारा टेंडर किए जाएंगे। इसमें जो भी कंपनी जिम्मा संभालेगी, उसे शौचालयों में विज्ञापन लगाने की छूट होगी। सैहबकर्मियों के लिए जूते और ड्रेस खरीदने के लिए कमेटी बनाई गई।
इसमें पार्षद शैली शर्मा, दिवाकर शर्मा, बिट्टू कुमार, इंद्रजीत सिंह और शारदा चौहान को शामिल किया है। ओडीएफ प्लस प्लस को मंजूरी दी गई। पार्षद आरती चौहान ने कहा कि कूड़ा न देने वालों का बिजली-पानी काटा जाए।
कर्मचारी होने के बावजूद ये लोग कूड़ा जंगल में फेंक रहे हैं जिससे गंदगी बढ़ रही है। विशेष सदन में मेयर-डिप्टी मेयर समेत सिर्फ 18 पार्षद ही पहुंचे थे।नगर निगम के पार्षद अपने अपने वार्ड में शौचालय की सफाई व्यवस्था चेक करेंगे।
इस दौरान यदि व्यवस्था ठीक नहीं मिलती है तो पार्षद एक हजार रुपये की पैनल्टी संचालक को लगा सकेंगे। पार्षदों को जुर्माना लगाने की शक्तियां देने पर भी सदन ने सहमति जताई।