प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस विधायक हर्षवद्धन चौहान प्वाइंट ऑफ ऑर्डर की बात लाने की बात करते रहे। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने पूर्व सूचना के बगैर इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने की बात की। इस पर दस्तावेज लहराते हर्षवर्द्धन चौहान वेल में ही उतर गए।
उन्होंने सचिव को दस्तावेज थमाए। उन्होंने इन्हें विधानसभा अध्यक्ष को दिया। इस बीच विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने भी कहा कि मामला विधायकों की संस्था के सम्मान का है। मुकेश ने ऊना में फूड पार्क के उद्घाटन कार्यक्रम के निमंत्रण कार्डों में पहले विधायक का नाम लिखने और हटाने का मामला उठाया।
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी विधायकों का अपमान करने पर एतराज किया और कुछ उदाहरण भी पेश किए। इस बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में भी शिलान्यास पट्टिकाएं तोड़ने के मामले सामने आए।
उस समय भी विधायकों के साथ ज्यादती हुई, मगर सरकार ऐसे मामले देखेंगे। सरकार इस परंपरा को जारी नहीं रखेगी। इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक होती रही। कांग्रेस विधायक हर्षवर्द्धन चौहान अपनी बात पर अड़े रहे कि अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
नोकझोेंक और हंगामा बढ़ता गया। इसके बाद विपक्ष के सदस्य बाहर चले गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस विधायक के वरिष्ठ होने की बात करते हुए उनके व्यवहार पर एतराज जताया। सीएम जयराम ठाकुर की बात पूरी होते ही कांग्रेस के सदस्य भीतर आ गए।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आसन के पास कांग्रेस विधायक के जाने की घटना को गलत करार दिया। हर्षवर्द्धन चौहान अडे़ रहे कि विधानसभा अध्यक्ष प्रिविलेज की कार्रवाई पर सदन में ही फैसला दें।
इस पर बिंदल बोले कि मामला सचिव को भेजा जाएगा। उसके बाद ही कोई फै सला होगा। इसकी सूचना माननीय सदस्य को दे दी जाएगी। हालांकि, आसन के साथ वाली सीढ़ियां चढ़ने पर बिंदल बोले कि इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं।
बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बजट पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे तो विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री खडे़ होकर बार-बार कह रहे थे कि राज्य की वित्तीय स्थिति क्या है, इस पर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सदन मेें क्या कहना है, यह विपक्ष को बताने की जरूरत नहीं है, उनको पता है कि किस सवाल का जवाब कब देना है। जब बार-बार मुकेश अग्निहोत्री अपनी सीट से उठकर खड़े होते रहे तो सीएम ने कहा कि जो भी इस तरह से उछलता है, उसका सदन में आना मुश्किल होता है।
इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। मुकेश अग्निहोत्री अड़े रहे कि पहले बजट पर बोला जाना चाहिए। इसके कुछ देर बाद विपक्ष के सारे सदस्य सदन से वाकआउट कर गए।
इस वाकआउट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष नेतृत्वविहीन है। सदन में सभी सदस्यों ने बजट पर हुई चर्चा में अपनी बात रखी। ऐसे में हर सदस्य को जवाब देना उनका दायित्व है।