राजधानी शिमला खुला शौचमुक्त सर्वेक्षण में ओडीएफ डबल प्लस का प्रमाणपत्र हासिल करने वाला प्रदेश का पहला शहर बन गया है। केंद्र सरकार ने नगर निगम शिमला को इसका प्रमाण पत्र जारी कर सम्मानित किया है। स्वच्छ भारत मिशन में जनवरी में देश के चार हजार से अधिक शहरों का सर्वेक्षण किया गया था। प्रदेश के बड़े शहरों में भी केंद्रीय टीम ने स्वच्छता का जायजा लिया था। शिमला शहर में भी सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण करने आई टीम ने पाया कि शिमला शहर खुला शौचमुक्त है।
सार्वजनिक शौचालयों में साफ-सफाई के अलावा पानी, साबुन जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जा रही हैं। इनकी सीवरेज कनेक्टिविटी सही है। शहर के 32 स्थानों और छह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का निरीक्षण किया गया। 17 सार्वजनिक शौचालयों का भी निरीक्षण किया गया। इसकी निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार सात शौचालय उत्कृष्ट, छह आकांक्षात्मक और चार स्वच्छ श्रेणी में शामिल पाए गए। इसी रिपोर्ट के आधार पर अब केंद्र सरकार ने शिमला नगर निगम को ओडीएफ डबल प्लस का प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।
ऐसे मिला ओडीएफ डबल प्लस का प्रमाण पत्र
किसी भी शहर में यदि लोग खुले में शौच न करें तो उसे खुला शौचमुक्त यानी ओडीएफ प्रमाण पत्र मिलता है, लेकिन यदि शहर में सार्वजनिक शौचालय साफ सुथरे हों, सीवरेज कनेक्टिविटी बेहतर हो तो उस शहर को ओडीएफ डबल प्लस माना जाता है। प्रदेश में अभी तक एक भी शहर इस श्रेणी में नहीं था। स्वच्छता सर्वेक्षण में भी शिमला को ओडीएफ डबल प्लस के 500 अंक मिले हैं। शिमला 128वें रैंक से 65वें रैंक तक पहुंच पाया है।
आयुक्त, सीएचओ की टीम ने दिलाया सम्मान
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की हालत सुधारने और बेहतर सुविधाएं देने को नगर निगम आयुक्त पंकज राय, तत्कालीन निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने कड़ी मेहनत की थी। सभी शौचालयों में मूलभूत सुविधाएं देना अनिवार्य किया गया है। इनमें पानी की आपूर्ति को अलग टैंकर रखा है। हर एरिया में नोडल अफसर तैनात किए गए। अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज ने बताया कि इस अवार्ड की घोषणा पहले हो चुकी है। अब निगम को इसका प्रमाण पत्र मिला है।