पूर्व मुख्यमंत्री और कांगड़ा से भाजपा के सांसद शांता कुमार शिमला पहुंचते ही वीरभद्र सिंह और पंडित सुखराम पर बरसे। उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि सबसे पुरानी पार्टी किस प्रकार से सर्कस बनती जा रही है।
वीरभद्र मंच पर कह रहे हैं कि सुखराम ने उनके साथ जो धोखा किया है, उसे वह जिंदगी भर नहीं भूलेंगे। उनकी कोई दुश्मनी नहीं, मगर वह आया राम गया राम के खिलाफ हैं।
शांता कुमार ने कहा कि वीरभद्र शिमला संसदीय सीट के कांग्रेस प्रत्याशी के बारे में कह रहे हैं कि वह पुराने पापी हैं। यह क्या तमाशा है। जो कभी हिंदुस्तान में नहीं हुआ, वह हिमाचल में पहली बार हुआ।
शांता ने आगे कहा कि पंडित सुखराम ने पोते को पार्टी में जन्म लेते ही दलबदलू बनाया। अपने पोते को लेकर कि टिकट देते हो कि नहीं देते हो, पहले वह भाजपा के पास आए, उसके बाद कांग्रेस से टिकट मांगा।
उन्होंने पांच बार दल बदल किया। शांता बोले कि राजनीति का जिसे क-ख भी पता नहीं, उसे लोकसभा में भेजा जा रहा है। वहीं वीरभद्र मंडी की जनता को इशारा कर रहे हैं कि बुद्धिमानों को इशारा ही काफी होता है।